
लोहिया अस्पताल में समय से नहीं मिली ऑक्सीजन, जली हुई महिला की मौत
फर्रुखाबाद. नगर पंचायत कमालगंज के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी महिला जशोदा पत्नी धर्मेंद्र ने घरेलू विवाद के चलते मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली। जिसमें वह लगभग 50 प्रतिशत जल चुकी थी। उसको बचाने में महिला के पति समेत एक बेटा भी झुलस गया। पति आनन फानन में पत्नी को इलाज के लिए लेकर कमालगंज सीएचसी पहुंचा। जहां पर डॉक्टरों ने उसे लोहिया अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन जब उसको लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे तो मौके पर डॉक्टर योगेंद्र सिंह की ड्यूटी चल रही थी। उन्होंने महिला का इलाज शुरू कर दिया। उसके बाद उसको तीसरी मंजिल पर बर्न वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया। साथ ही जो स्टाफ ड्यूटी पर तैनात था उससे कहा गया कि महिला को आक्सीजन लगी है। खत्म होने से पहले उसका गैस सिलेंडर बदल देना। जब तक मरीज की हालत में कुछ सुधार न हो जाए। लेकिन उनकी ड्यूटी 2 बजे खत्म होने के बाद इमरजेंसी में डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी की ड्यूटी थी। वह हर मरीज का बराबर इलाज कर रहे थे।
नहीं मिला ऑक्सीजन सिलेंडर
लगभग साढ़े 4 के करीब महिला जशोदा की हालत बिगड़ने लगी। तो महिला का भाई और पति को ड्यूटी पर तैनात नर्स में से कोई नही मिला। जिस कक्ष में वह बैठती थी उसमें भी ताला लगा हुआ था। वह आक्सीजन सिलेंडर खत्म होने की बात के साथ मरीज की हालत खराब होने की दुहाई देते रहे। लेकिन किसी ने उस महिला का आक्सीजन सिलेंडर नहीं बदला। आखिर में जब नर्सो ने महिला की नब्ज देखी तो वह अंतिम सांसें भर रही थी। डॉक्टर अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि अगर सूचना पहले स्टाफ देता तो हो सकता था कि उसकी जान बचाई जा सकती थी। जिसकी भी लापरवाही रही हो उस विषय में कुछ नही कह सकते हैं।
Published on:
06 May 2018 11:25 am
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