
शादी की दूसरी सालगिरह पर एक पति ने सुसाइड नोट लिखकर जान दे दी | फोटो सोर्स- patrika.com
Fatehpur Husband Suicide News: जिस घर में शादी की दूसरी सालगिरह की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी मैरिज एनिवर्सरी के दिन ही फांसी लगाकर जान दे दी। मरने से पहले युवक ने 8 पन्नों का एक सुसाइड नोट लिखा है। इस नोट में उसने अपना जो दर्द लिखा है, उसे पढ़कर हर किसी की आंखें नम हो जाए। युवक ने लिखा कि वह अपनी पत्नी और ससुराल वालों की रोज-रोज की पैसों की मांग और प्रताड़ना से तंग आ चुका है।
यह मामला फतेहपुर के चांदपुर थाना इलाके के कुलखेड़ा गांव का है। यहां रहने वाले 27 साल के सत्यप्रकाश उर्फ मुकेश की शादी दो साल पहले कानपुर की रहने वाली रिंकी से हुई थी। मंगलवार को दोनों की शादी की दूसरी सालगिरह थी। घरवाले जश्न की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इसी बीच मुकेश ने कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। खुशियों का माहौल पल भर में मातम में बदल गया।
पुलिस को मौके से 8 पन्नों का एक लंबा सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मुकेश ने अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुकेश ने लिखा कि ससुराल वालों का अत्याचार अब बर्दाश्त से बाहर हो चुका है। वे मुझे मारते हैं और बेइज्जत करते हैं। उन लोगों ने मुझसे बहुत सारे पैसे उधार भी ले रखे हैं। मुकेश ने आगे अपनी मजबूरी बताते हुए लिखा कि अभी कुछ दिन पहले ही मैंने पत्नी को 13 हजार रुपये दिए थे, जो उसने खत्म कर दिए। अब कल वह फिर से पैसे मांगेगी। मेरे पास पैसे नहीं हैं, तो मैं कहां से दूंगा? अगर पैसे नहीं दूंगा तो घर में फिर लड़ाई होगी। इस रोज-रोज के तनाव से तो अच्छा है कि मैं अपनी जान दे दूं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। मृतक के ससुराल वालों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
यह घटना केवल एक अपराध का मामला नहीं है, बल्कि आज के समाज की उस कड़वी हकीकत को भी बयां करती है जहां घरेलू विवाद और आर्थिक तनाव के कारण हंसते-खेलते परिवार तबाह हो रहे हैं। जानकारों का कहना है कि आज के दौर में लोगों की इच्छाएं बहुत बढ़ गई हैं और जरा सी बात पर लोग बहुत ज्यादा तनाव में आ जाते हैं। ऐसे समय में परिवार और दोस्तों को एक-दूसरे का साथ देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में है, तो बातचीत और काउंसलिंग के जरिए उसकी जान बचाई जा सकती है।
Updated on:
27 May 2026, 10:07 AM IST
Published on:
27 May 2026, 10:07 AM IST
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