
Fatehpur
फतेहपुर. सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता रखकर जिनपर सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है, वही इसका बंटाधार करने में जुटे हुये हैं। ताजा मामला खाद्य एवं रसद और नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह के गृहजनपद फतेहपुर के तहसील बिंदकी, ब्लाॅक अमौली के बीघनपुर, बबई और आजमपुर गड़वा ग्रामपंचायत का सामने आया है। यहां के ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्ति विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते कोटेदरों ने पिछले तीन माह से गेहूं, चावल, चना और केरोसिन का वितरण नहीं किया। विभाग के कार्यालय के अलावा सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई पर सुनवाई नहीं हुई।
नहीं मिला हक-
कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए निशुल्क में राशन मुहैया कराए जाने की जिम्मेदारी सरकारी राशन दुकानदारों को सौंपी थी। लेकिन खुद मंत्री के जनपद में पात्रों को सरकार की योजना की लाभ नहीं मिल रहा। बीघनपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार संतोष कुमार पर आरोप है कि इन्होंने अपनी ग्राम पंचायत के अलावा बबई ग्रामपंचायत के 30 फीसदी से ज्यादा पात्रों को राशन नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कोटेदार घर-घर आकर मशीन में अंगूठा लगवा लेता है और जब राशन लेने जाते हैं तो भगा देता है।
पूर्व विधायक का है भतीजा-
जहानाबाद विधानसभा सीट से सपा के पूर्व विधायक मदनगोपाल उमाराव का कोटेदार संतोष कुमार भतीजा है। वहीं ग्राम प्रधान भी परिवार की महिला है। बीघनपुर निवासी पप्पू सिंह का कहना है कि कोरोना महामारी की मार झेल रहे गरीब लोगों का जमकर शोषण हो रहा हैं। लेकिन कोई भी अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। पूर्ति विभाग व कोटेदारों की मिलीभगत से इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ गरीबों को नही मिल पा रहा है। हमारी प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग है कि पूरे प्रकरण की जांच लखनऊ स्तर के अधिकारियों से कराएं और कोटेदार पर कार्रवाई करें।
बबई के ग्रामीणों भी नहीं मिल रहा राशन
संतोष कुमार की दुकान पर बबई की राशन की दुकान जुड़ी है। बबई के ग्रामप्रधान का आरोप है कि संतोष कुमार पात्रों से अंगूठा लगवा लेता है पर राशन नहीं देता। ग्राम प्रधान का आरोप है कि अभी तक किसी भी पात्र को एक दाना चने का नहीं मिला। कोटेदार से जब भी चने के बारे में पूछा तो उसने नहीं मिलने का बहाना बनाकर टरका दिया। बबई के कार्डधारक राजेश के मुताबिक कोटेदार कालाबाजारी करके खाद्यान्न सामग्री को ब्लैक में बेच रहा है। डीएओ के अलावा एआरओ से शिकायत की पर कार्रवाई नहीं हुई।
चीनी के बाद केरोसिन बंद-
बिंदकी तहसील की अधिकतर राशन की दुकानों में चीनी के बाद केरोसिन मिलना बंद हो गया। आमजपुर गड़वा और बीघनपुर में पिछले एक वर्ष से कोरोसिन का वितरण नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदारों से पूछने पर उनका कहना है कि चीनी के साथ ही सरकार ने केरोसिन देना बंद कर दिया है। जब इस बारे में विभाग से जानकारी की गई तो केरोसिन मिलने की बात सामने आई है।
Published on:
27 Sept 2020 06:58 pm
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