
Ashunya Shayan Dwitiya Vrat 2021 Ashunya Shayan Vrat 2021
23 अगस्त यानि सोमवार को भाद्रपद अर्थात भादों मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा है यानि भाद्रपद माह प्रारंभ हो रहा है. सोमवार को शाम 4.31 बजे तक प्रतिपदा तिथि है, इसके बाद द्वितीया तिथि लग जाएगी. भादों माह कृष्ण पक्ष की द्वितीया के दिन अशून्य शयन व्रत किया जाता है.
इस दिन व्रत रखकर विष्णुजी और मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। पौराणिक ग्रंथों में इस व्रत का बहुत महत्व बताया गया है। ज्योतिषी बताते हैं कि अशून्य शयन व्रत और पूजा करने से हर काम का दोगुना फल मिलता है। यही कारण है कि इस व्रत के दौरान शेयर खरीदी, स्वर्ण आभूषण, ज़मीन—भवन आदि खरीदना लाभकारी माना गया है।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर बताते हैं कि इस व्रत का उल्लेख पद्मपुराण में किया गया है। इसमें बताया गया है कि अशून्य शयन व्रत रखकर विष्णुजी व लक्ष्मीजी की पूजा करें. इस अवधि में जो भी कार्य शुरू करेंगे उसमें लाभ दोगुना प्राप्त होगा। हालांकि इस व्रत में कठिन नियमों का पालन करने की बात भी कही गई है।
इस दिन सुबह स्नान के बाद व्रत पूजा का संकल्प लेें. शाम के समय स्नान करके विष्णुजी और लक्ष्मीजी की पूजा की जाती है. लक्ष्मी व नारायण की इस पूजा में खासतौर पर केले अर्पित करते हैं। विष्णु और लक्ष्मीजी के विग्रह पर अक्षत्, गंध, पुष्प, धूप और नैवेद्य अर्पित करें। विष्णु और लक्ष्मीजी के मंत्रों का जाप करें या श्रीसूक्त और पुरुष सूक्त का पाठ करें।
रात होते ही विष्णुजी और लक्ष्मीजी को शयन करवा दें। व्रत रखते हुए दिनभर सिर्फ फलाहार करें, हो सके तो मौन धारण करें। इस व्रत के दिन नया इन्वेस्टमेंट करना चाहिए क्योंकि माना गया है कि इससे दोगुना लाभ मिलता है। खासतौर पर नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह दिन बहुत शुभ होता है।
Published on:
23 Aug 2021 08:52 am
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