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जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण लला जन्म होते ही पढ़ें यह कृष्ण चालीसा, पूरी होगी हर इच्छा

Krishna Chalisa: इस कृष्ण चालीसा के पाठ से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्त की हर इच्छा पूरी करते हैं, उसका संकट दूर करते हैं।

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Krishna Chalisa Path Hindi

जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण लला जन्म होते ही पढ़ें यह कृष्ण चालीसा, पूरी होगी हर इच्छा

Krishna Chalisa: चालीसा चालीस छंदों की रचना होती है, कृष्ण चालीसा भगवान कृष्ण पर आधारित भक्ति गीत है। इस प्रसिद्ध प्रार्थना को जन्माष्टमी, मासिक जन्माष्टमी जैसे यशोदानंदन को समर्पित त्योहारों या रोज पढ़ना चाहिए।

26 अगस्त भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रोहिणी नक्षत्र में कृष्ण लला के जन्म पर इस स्तुति का भावपूर्ण पाठ करें। इससे भगवान जरूर प्रसन्न होंगे और भक्त की हर इच्छा पूरी करेंगे। आपका विश्वास ही वह रास्ता है जो भगवान तक आपकी प्रार्थना को पहुंचाएगा।

श्रीकृष्ण चालीसा

॥ दोहा ॥


बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम।

अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥

जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज।

करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥

॥ चौपाई ॥


जय यदुनन्दन जय जगवन्दन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥

जय यशुदा सुत नन्द दुलारे।जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥

जय नट-नागर नाग नथैया।कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया॥

पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो।आओ दीनन कष्ट निवारो॥

वंशी मधुर अधर धरी तेरी।होवे पूर्ण मनोरथ मेरो॥

आओ हरि पुनि माखन चाखो।आज लाज भारत की राखो॥

गोल कपोल, चिबुक अरुणारे।मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥

रंजित राजिव नयन विशाला।मोर मुकुट वैजयंती माला॥

कुण्डल श्रवण पीतपट आछे।कटि किंकणी काछन काछे॥

नील जलज सुन्दर तनु सोहे।छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥

मस्तक तिलक, अलक घुंघराले।आओ कृष्ण बाँसुरी वाले॥

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खोलो पट अब दर्शन दीजै।बोलो कृष्ण कन्हैया की जै॥

॥ दोहा ॥


यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।

अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥

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