महादेव का अभिषेक करने के पीछे एक पौराणिक कथा का उल्लेख है कि समुद्र मंथन के समय हलाहल विष निकलने के बाद जब महादेव इस विष का पान करते हैं तो वह मूर्च्छित हो जाते हैं। उनकी इस दशा को देखकर सभी देवी-देवता भयभीत हो जाते हैं और उन्हें होश में लाने के लिए निकट में जो चीजें उपलब्ध होती है, उनसे महादेव को स्नान कराने लगते हैं, और शिव जी अभिषेक से ठीक भी हो गये। तब से ही जल से लेकर तमाम उन चीजों से महादेव का अभिषेक किया जाता है, जिनसे शीतलता बनी रहे।