दीपावली से पहले देश के डेढ़ करोड़ किसानों को दिया बड़ा तोहफा, 1.35 लाख करोड़ रुपए जारी

  • सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए 1.5 करोड़ किसानों को केसीसी जारी
  • जारी किए गए किसान क्रेडिट कार्डों के लिए खर्च की कुल सीमा 1.35 लाख करोड़ रुपए

By: Saurabh Sharma

Updated: 20 Oct 2020, 09:22 AM IST

नई दिल्ली। देश के किसानों को दीपावली से पहले केंद्र सरकार की ओर से डेढ़ करोड़ किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार की ओर से जानकारी दी गई है कि देश के डेढ़ करोड़ किसानों को सस्ती दरों पर कर्ज मुहैया कराने वाले किसान क्रेडिट कार्ड ( Kisan Credit Card ) जारी कर दिए गए हैं। जिसकी खर्च सीमा 1.35 लाख करोड़ रुपए है। यह किसान क्रेडिट कार्ड आत्म निर्भर भारत पैकेज के तकह जारी किए गए हैं। आपको बता दें कि समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को सरकार की ओर से ब्याज पर 3 फीसदी की छूट भी देती है। आइए आपको भी बताते हैं कि सरकार की ओर से इस बारे में और क्या जानकारी दी है।

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डेढ़ करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत सरकार ने विशेष अभियान चलाकर 2 लाख करोड़ रुपये की खर्च सीमा के 2.5 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाने की घोषणा की थी। बैंकों और अन्य संबधित पक्षों के सही दिशा में किए गए निरंतर प्रयास के चलते सस्ती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए मछली पालकों, पशु पालकों समेत 1.5 करोड़ किसानों को केसीसी जारी करने की उपलब्धि हासिल की गई है। जारी किए गए सभी किसान क्रेडिट कार्डों के लिए खर्च की कुल सीमा 1.35 लाख करोड़ रुपए है।

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ब्याज पर मिलती है 3 फीसदी की छूट
केसीसी योजना 1998 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए बिना किसी बाधा के समय पर ऋण उपलब्ध कराना था। भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को ब्याज़ पर फीसदी की आर्थिक सहायता देती है और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट देती है। इस तरह केसीसी पर सालाना ब्याज़ दर 4 प्रतिशत की आती है। सरकार ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाते हुए 2019 में केसीसी में ब्याज़ दर में आर्थिक सहायता का प्रावधान शामिल करते हुए इसका लाभ डेयरी उद्योग समेत पशुपालकों और मछ्ली पालकों को भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की है।

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कर्ज की सीमा को बढ़ाया गया
साथ ही बिना किसी गारंटी के दिए जाने वाले केसीसी ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर 1.60 लाख कर दिया है। सस्ती ब्याज़ दर पर लोन उपलब्ध कराने के इस अभियान से न सिर्फ किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और कृषि तथा इससे जुड़े क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा। हमारे देश के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी इस मुहिम की विशेष भूमिका होगी।

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