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FICCI ने मोदी सरकार के बजट के लिए पेश किया नया एजेंडा, देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश करेगी यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किया जाएगा मोदी सरकार के इस बजट के लिए FICCI ने सिक्स-पॉइंट एजेंडे को फॉलो करने की सलाह दी है

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FICCI ने मोदी सरकार के बजट के लिए पेश किया नया एजेंडा, देश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली।मोदी सरकार ( Modi govt ) अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट ( budget ) 5 जुलाई को पेश करेगी। यह बजट वित्त मंत्रीनिर्मला सीतारमण ( Nirmala Sitaraman ) के द्वारा पेश किया जाएगा। सरकार के इस बजट से देश की आम जनता को काफी उम्मीदें हैं। जनता को लगता है मोदी सरकार के इस बजट देश की इकोनॉमी ( economy ) को तेजी मिलेगी और रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार बड़े ऐलान कर सकती है।


FICCI ने दी सिक्स-पॉइंट एजेंडे को फॉलो करने की सलाह

देश के व्यापारिक संगठनों के संघ फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स एंड इंडस्ट्री ( FICCI ) ने सलाह देते हुए कहा कि मोदी सरकार को अपने आगामी बजट में सिक्स-पॉइंट एजेंडे पर फोकस करना चाहिए। इससे देश की जनता को भी काफी राहत मिलेगी। फिक्की ने अपने सिक्स-पॉइंट एजेंडे में रोजगार, पेंडिंग बिल्स के पास करना, वस्तु एवं सेवा कर ( GST ) के आसान बनाना, खेती से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करना, ब्याज दरों में कमी करना और नीतियों की घोषणाओं को रखा है।


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देश की इकोनॉमी में मिलेगी रफ्तार

फिक्की के सिक्स पॉइंट्स एजेंडे देश की इकोनॉमी को रफ्तार मिलेगी और जीडीपी में भी ग्रोथ होगी। इसके अलावा देश की आम जनता को रोजगार के मोर्चे पर भी राहत मिलेगी। इसके अलावा फिक्की के सिक्स-पॉइंट एजेंडे में ई-फॉर्मेसी, रिटेल, इंडस्ट्री और ई-कॉमर्स से जुड़ी पॉलिसी भी शामिल हैं।


संदीप सोमानी ने मीडिया को दी जानकारी

फिक्की के प्रेसिडेंट संदीप सोमानी ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार को लोकसभा चुनाव में बहुमत मिला है। इस बहुमत को देखकर ही समझ आता है कि देश की जनता को आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं। इसके साथ ही उद्योग जगत के लोगों को भी काफी उम्मीद है कि केंद्र सरकार वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए कड़े सुधारवादी कदम उठाएगी। उनका मानना है कि केंद्र सरकार अगर कड़े सुधारवादी कदम उठाती है तो इससे इकोनॉमी की रफ्तार तेज होगी।


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सरकार को घटाना चाहिए रेपो रेट

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को निवेश बढ़ाने पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही कारोबार की लागत को कम करने के लिए रेपो रेट ( repo rate ) में भी कटौती की जानी चाहिए। रेपो रेट कम होने से आम जनता को काफी राहत मिलेगी।

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