
जनधन खाताधारकों को हो सकता है नुकसान अगर, गंवा सकते हैं अपना ही पैसा
नई दिल्ली। अगर आपने भी प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खाता खुलवा रखा है तो सावधान हो जाइए क्योंकि जनधन योजना के 26 करोड़ से भी ज्यादा खातादारों के एटीएम-डेबिट कार्ड की सुरक्षा ताक पर है। डेबिट कार्ड की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए रिजर्व बैंक की ओर से नए कार्ड जारी कर दिए गए हैं, लेकिन वह कुछ ही लोगों को जारी हो पाए हैं।
आरबीआई ने जारी किया था निर्देश
पीएम जनधन योजना के तहत लगभग 33.66 करोड़ लोगों का खाता है, जिसमें से सिर्फ 26.87 करोड़ खातेदारों के लिए डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। कार्ड की सुरक्षा को देखते हुए आरबीआई ने डेबिट कार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अनिवार्य रूप से मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड को चिप कार्ड में बदलने का आदेश दिया था, लेकिन यह आदेश जनधन खाते वाले लाभार्थियों पर लागू नहीं हुआ है।
सुरक्षा के हैं खास इंतजाम
आरबीआई ने ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बैंकों से मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड की जगह ईएमवी चिप कार्ड देने को कहा था और इसकी अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2018 निश्चित की गई थी। जब यह आदेश जारी किया गया था तो सभी लोगों ने अपने कार्ड को बदलने की प्रक्रिया कर दी थी। इस नए कार्ड में सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया है। साथ ही इस कार्ड के डिजिटल आंकड़ों को कोई भी चोरी नहीं कर सकता है।
नि:शुल्क कार्ड के कारण नहीं मिल पा रहा नया कार्ड
आपको बता दें कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी में बताया कि आम खाताधारकों का एटीएम कार्ड और डेबिट कार्ड बदल दिया गया है, लेकिन जनधन खाताधारकों के कार्ड को अभी तक नहीं बदला गया है। वह लोग पुराने कार्ड को ही प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बातचीत में बताया कि बैंक आम खातेदारों से तो डेबिट कार्ड या एटीएम कार्ड के लिए सालाना शुल्क वसूलते हैं, लेकिन जनधन खातों के लाभार्थियों को नि:शुल्क रूपे डेबिट कार्ड जारी किया गया है। इसलिए उन्हें नया चिप कार्ड जारी नहीं मिल पा रहा है।
रूपे कार्ड में भी नहीं किया गया बदलाव
रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों को मैग्नेटिक कार्ड बदलकर चिप कार्ड देने का आदेश दिया है उस आदेश में फिलहाल रूपे कार्ड को बदलने के लिए भी कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। साथ ही सभी जनधन खातेदारों को भी सरकार ने रूपे का ही डेबिट कार्ड दिया गया है, जिसकी वजह से यह कार्ड भी नहीं बदले गए हैं। रूपे कार्ड पूरी तरह स्वदेशी है, जबकि वीसा, मास्टर या यूरो-पे कार्ड विदेशी कंपनियों की ओर से जारी किया जाता है।
बैंक अधिकारी ने दी जानकारी
बैंक के अधिकारियों का मानना है कि नधन खातेदारों के पास जो रूपे डेबिट कार्ड है, वह मैग्नेटिक स्ट्रिप कार्ड होने की वजह से ज्यादा सुरक्षित नहीं है। इसके साथ ही इस कार्ड से सिर्फ साल में 50 हजार रुपये तक के ही ट्रांजेक्शन किए जा सकते हैं। शायद इसलिए ही सरकार ने इनकी सुरक्षा पर इतना ज्यादा ध्यान नहीं दिया है।
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Updated on:
03 Jan 2019 12:23 pm
Published on:
03 Jan 2019 11:07 am
