
नई दिल्ली। आगामी चार मई को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की 27वीं बैठक होनी है। इस बैठक में जीएसटी के संचालन में आने वाली समस्याओं पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री अरुण जेटली करेंगे। हालांकि वित्त मंत्री के अस्वस्थ होने और कर्नाटक चुनाव को देखते हुए यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। इस बैठक में देश के सभी राज्यों के वित्त मंत्री हिस्सा लेंगे। कर्नाटक चुनावों से पहले हो रही इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस बैठक में आम लोगों के जीवन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में मोदी सरकार आम जनता से जुड़े इन मुद्दों पर राहत की खबर दे सकते हैं। यदि काउंसिल में इन मुद्दों पर सहमति बन जाती है तो आम लोगों का जीवन काफी आसान हो जाएगा।
डिजिटल लेनदेन पर मिलेगा कैशबैक
नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने में जुटी केंद्र की मोदी सरकार एक एेसे प्रस्ताव पर काम कर रही है जिसके तहत उपभोक्ताओं को डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक और एमआरपी पर छूट का ऑफर दिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक डिजिटल लेनदेन पर दिए जाने वाले इन ऑफरों को लेकर पीएमओ में चर्चा भी हो चुकी है। इस प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल की बैठक में रखा जा सकता है। यदि इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है तो आपको हर खरीदारी पर बचत होगी। सरकार की योजना आम लोगों को डिजिटल तरीके से हर खरीदारी पर 100 रुपए का कैशबैक देने की है।
एक पेज का हो सकता है जीएसटी रिटर्न फॉर्म
जीएसटी को लेकर परेशान व्यापारियों को अब तक की सबसे बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार जीएसटी में अब तक सबसे बड़ा बदलाव कर सकती है जिसकी उम्मीद व्यापारियों को भी नहीं होगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की चार मई को होने वाली बैठक में जीएसटी रिटर्न फॉर्म को सरल बनाकर एक पेज का करने पर मुहर लग सकती है।बैठक में जीएसटीएन को सरकारी कंपनी में तब्दील करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। एक अधिकारी के अनुसार रिटर्न को सरल बनाने के बारे में निर्णय एजेंडे में ऊपर है। सुशील मोदी की अगुवाई वाला मंत्रियों का समूह नए रिटर्न फॉर्म के तीन मॉडल पेश करेगा।
जीएसटी के दायरे में आ सकते हैं पेट्रोल-डीजल
आम जनता को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले पेट्रोल-डीजल पर भी जीएसटी बैठक में अहम फैसला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार काउंसिल की बैठक में पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रस्ताव आ सकता है। आपको बता दें कि इस समय पेट्रोल-डीजल के दाम अपने उच्च स्तर पर चल रहे हैं। आम जनता लंबे समय से पेट्रोल-डीजल को लंबे समय से जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रही है। खुद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी कई बार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की बात कह चुके हैं।
गन्ना किसानों को मिलेगा तोहफा, जनता पर पड़ेगा बोझ
इस बैठक में मोदी सरकार गन्ना किसानों को भी तोहफा दे सकती है। लेकिन इस तोहफे का बोझ आम जनता को उठाना पड़ेगा। दरअसल गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के मकसद से जीएसटी बैठक में चीनी पर सेस लगाने का प्रस्ताव आ सकता है। यदि जीएसटी काउंसिल इस प्रस्ताव पर मुहर लगाती है तो चीनी महंगी हो जाएगी। चीनी पर लगाए जाने वाले इस सेस से गन्ना किसानों को बकाया का भुगतान होगा।
Published on:
30 Apr 2018 07:19 pm
बड़ी खबरें
View AllPersonal Finance
कारोबार
ट्रेंडिंग
