क्या है पूरा मामला- एक प्राइवेट फूड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ( ये कंपनी इडली एंड डोसा बटर, पराठा, दही और पनीर जैसे फूड स्पलाई करती है। ) ने AAR के पास आवेदन किया था। इस आवेदन में कंपनी ने कहा कि पराठा को 'खाखरा, प्लेन चपाती या रोटी' के तौर पर वर्गीकृत किया जाना चाहिए। जीएसटी नोटिफिकेशन के शेड्यूल 1 के Entry 99A के तहत रोटी पर 5 फीसदी ही जीएसटी देनी होती है। इस कंपनी ने AAR से गेहूं से बने पराठे और मालाबार पराठे पर लगने वाले जीएसटी के बारे में जानकारी मांगी थी।