
Post Office ने शुरू की Five Star Village Scheme, जानें कैसे आपको मिलेगा फायदा
नई दिल्ली।
Post Office Schemes: भारतीय डाक विभाग ( India Post ) ने गांव-गांव तक अपनी पहुंच बनाने के लिए नई योजना की शुरुआत की है। इस योजना का नाम फाइव स्टार गांव स्कीम ( Five Star Village Scheme ) है, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्ट ऑफिस ( Post Office Village Scheme ) की सभी सुविधाएं हर व्यक्ति तक पहुंचाई जाएगी।
पोस्ट ऑफिस की सभी ग्रामीण ब्रांच गांव के लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वन-स्टॉप शॉप ( One Stop Shop ) के रूप में कार्य करेंगी। इस योजना के तहत पोस्ट ऑफिस के सभी प्रोडक्ट का ग्रामीण स्तर पर मार्केटिंग और प्रचारित किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
क्या है फाइव स्टार योजना ( What is Five Star Village Scheme )
जैसा कि कई ग्रामीण इलाके ऐसे हैं, जहां अभी तक पोस्ट ऑफिस की सेवाएं उपलब्ध नहीं है। फाइव स्टार योजना के तहत ऐसे सभी इलाकों में वन-स्टॉप शॉप होगी, जो पोस्ट ऑफिस समेत सरकारी योजनाओं की मार्केटिंग करेंगी।
फाइव स्टार योजना में शामिल प्रोडक्ट्स
(1) सेविंग अकाउंट्स, रेकरिंग डिपॉजिट अकाउंट, NSC/KVP
(2) सुकन्या समृद्धि योजना/PPF
(3) इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक सेविंग अकाउंट
(4) पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी/ग्रामीण डाक जीवन बीमा पॉलिसी
(5) प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना/प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना खाता
फाइव स्टार योजना में कैसे होगा काम?
फाइव स्टार योजना के तहत अगर कोई गांव उपरोक्त सूची में से कोई चार प्रोडक्ट्स में हिस्सा लेता है, तो उस गांव को फोर स्टार का दर्जा दिया जाएगा। वहीं, अगर कोई गांव तीन योजनाओं में भाग लेता है, तो उसे थ्री-स्टार दर्जा दिया जाएगा। इस योजना के तहत पांच ग्रामीण डाक सेवकों की टीम को एक गांव सौंपा जाएगा। इन पर गांवों में सभी उत्पादों, बचत और बीमा योजनाओं को बेचने का जिम्मा होगा। टीम का नेतृत्व संबंधित शाखा कार्यालय के शाखा पोस्ट मास्टर करेंगे।
महाराष्ट्र से हुई शुरुआत
पोस्ट ऑफिस की इस योजना का शुभारंभ महाराष्ट्र में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हुई है। इस दौरान केंद्रीय संचार राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने कहा कि यह योजना महाराष्ट्र में प्रारंभिक आधार पर शुरू की जा रही है, यहां के अनुभव के आधार पर इसे देश भर में लागू किया जाएगा।
इस योजना के तहत हर क्षेत्र के दो ग्रामीण जिलों/क्षेत्रों की पहचान की गई है। नागपुर क्षेत्र में अकोला और वाशिम, औरंगाबाद क्षेत्र में परभणी और हिंगोली, पुणे क्षेत्र में सोलापुर और पंढरपुर, गोवा क्षेत्र में कोल्हापुर और सांगली और नवी मुंबई क्षेत्र में मालेगांव और पालघर को शामिल किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2020-2021 के दौरान प्रत्येक जिले के कुल 50 गांवों को शामिल किया जाएगा।
Published on:
11 Sept 2020 04:38 pm
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