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वित्त वर्ष 2018-19 में लक्ष्य से चूके सरकारी बैंक, वसूले सिर्फ 1.2 लाख करोड़ रुपए

सरकारी बैंकों ने बीते वित्त वर्ष (2018-19) में फंसे हुए कर्जों से 1.2 लाख करोड़ रुपए की वसूली की है इसके साथ ही इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी) के जरिए रिकवरी की गई है NCLT में कुछ बड़े मामलों का अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है

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Shivani Sharma

May 25, 2019

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वित्त वर्ष 2018-19 में लक्ष्य से चूके सरकारी बैंक, वसूले सिर्फ 1.2 लाख करोड़ रुपए

नई दिल्ली। सरकारी बैंकों ने बीते वित्त वर्ष ( 2018-19 ) में फंसे हुए कर्जों से 1.2 लाख करोड़ रुपए की वसूली की है। इसके साथ ही इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड ( IBC ) के जरिए रिकवरी की गई है। एक अधिकारी ने जानकारी देत हुए बताया कि पिछले एक साल में कई धोखाधड़ी के मामले सामने आए है, जिसमें बैंकों को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा हाल में हुआ जेट एयरवेज संकट में भी बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।


NCLT में कुछ बड़े मामलों का नहीं हुआ समाधान

आपको बता दें कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में कुछ बड़े मामलों का समाधान नहीं होने की वजह से सरकारी बैंक 1.80 लाख करोड़ रुपए की रिकवरी का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए। वहीं, अगर पिछले वित्त वर्ष की बात करें तो वित्त वर्ष 2017-18 में 74,562 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी।


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बैंकों पर पड़ रहा असर

इस रिकवरी में एस्सार स्टील और भूषण पावर एंड स्टील जैसे बड़े मामले शामिल हैं, जिनके कारण रिकवरी के लक्ष्य को पाने से हम लोग पीछे रह गए हैं। अभी तक एस्सार स्टील और भूषण पावर एंड स्टील जैसे बड़े मामले ट्रिब्यूनल में पेंडिंग पड़े हुए हैं। इन मामलों पर अभी तक कोई भी कार्रवाई समाप्त नहीं हुई है, जिसका सीधा असर बैंकों पर पड़ा है। आने वाले कुछ समय में इनके समाधान के आसार हैं। उनसे करीब 50,000 करोड़ रुपए की रिकवरी हो सकती है।


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एस्सार स्टील का मामला भी शामिल

इसके अलाव भूषण पावर एंड स्टील के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील ने प्रस्ताव 11,000 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 18,000 करोड़ और फिर 19,000 करोड़ रुपए कर दिया। वहीं, टाटा स्टील 17,000 करोड़ रुपए की बोली पर टिकी रही है, जिसकी रिकवरी भी अभी तक नहीं हो पाई है। एस्सार स्टील के लिए आर्सेलरमित्तल ने 42,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई है जो अभी तक पूरी नहीं हुई है।

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