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आरबीआर्इ के डिप्टी गवर्नर ने कहा, केंद्रीय बैंक को अधिक स्वायत्ता की जरुरत

आरबीआर्इ ने डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने भाषण में कहा कि केंद्रीय बैंक को पब्लिक सेक्टर बैंकों पर अधिक रेग्युलेटरी और सुपरवाइजरी पावर दी जाए।
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Saurabh Sharma

Oct 27, 2018

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आरबीआर्इ के डिप्टी गवर्नर ने कहा, केंद्रीय बैंक को अधिक स्वायत्ता की जरुरत

नर्इ दिल्ली। आरबीआर्इ के डिप्टी गवर्नर देश की अर्थव्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आरबीआर्इ को आैर अधिक स्वायत्त बनाने की जरुरत है। संस्था की स्वायत्ता को इग्नोर करना देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। साथ उन्होंने आरबीआर्इ की नीतियों को नियमों पर आधारित होने की भी बात कही। डिप्टी गवर्नर के भाषण को आरबीआर्इ ने अपनी वेबससाइट पर भी जगह दी है।

प्राइवेट बैंकों पर दी जाए सुपरवाइजरी पावर
आरबीआर्इ ने डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने भाषण में कहा कि केंद्रीय बैंक को पब्लिक सेक्टर बैंकों पर अधिक रेग्युलेटरी और सुपरवाइजरी पावर दी जाए। ताज्जुब की बात तो ये है कि विरल का यह बयान एेसे समय में आया है जब जब केंद्र सरकार देश के पेमेंट सिस्टम के लिए एक अलग रेग्युलेटर बनाने के बारे में सोच रही है। वहीं सरकारी अधिकारियों की ओर से कई बार आरबीआई पर यह दबाव भी डाला गया है कि वह कुछ बैंकों को लेंडिंग के नियमों में ढील दी जाए जबकि उनका कैपिटल बेस बहुत कमजोर है।

फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता
गौरतलब है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनैंशल सर्विसेज के हालिया कर्ज संकट के चलते सितंबर के बाद से ही फाइनेंशियल मार्केट में अस्थिरता के हालात हैं। देश की सबसे बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनियों में से एक के कर्ज संकट में फंसने के बाद से देश की पूरी बैंकिंग व्यवस्था की स्थिति को लेकर ही चिंता जताई जा रही है।