SBI के सिर्फ 20 फीसदी कर्जदारों ने ली Loan Moratorium की सुविधा, बैंक ने जारी किए रोचक आंकड़े

  • SBI Bank के 80 फीसदी कर्जदार चुका रहे हैं कर्ज
  • शुक्रवार को RBI ने Loan Moratorium Period
  • अगस्त तक नहीं चुकानी होंगी बैंक कर्जदारों को EMI

By: Saurabh Sharma

Updated: 23 May 2020, 05:22 PM IST

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( State Bank Of India ) की ओर से ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जिससे आपका भी सिर चकरा जाएगा। SBI Bank के 80 फीसदी कर्जदार ऐसे हैं, जिन्होंने ईएमआई ( EMI ) चुकाने के लिए मोराटोरियम ( Loan Moratorium ) का इस्तेमाल ना करते हुए समय पर लगातार ईएमआई चुका रहे हैं। वहीं सिर्फ 20 फीसदी ऐसे बैंक कर्जदार हैं जो मौजूदा हालातों को देखते हुए समय पर हर महीने ईएमआई चुकाने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्होंने लोन मोराटोरियम की सुविधा ली है। खास बात तो ये है कि यह आंकड़ें ऐसे समय पर आए हैं, जब शुक्रवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ( Reserve Bank of India Governor Shaktikant Das ) ने रेपो रेट में कटौती ( ( Repo Rate Cut ) के साथ लोन मोराटोरियम पीरियड Loan Moratorium Period ) को 3 महीने यानी 31 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है।

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ऐसे लोग भी चुका सकते थे ईएमआई
एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार के अनुसार उनके बैंक के काफी कम ग्राहकों की ओर से लोन मोराटोरियम की सुविधा ली है। वहीं उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि जिन लोगों की ओर से लोन मोराटोरियम की सुविधा ली है वो लोग भी नकदी की संकट का सामना नहीं कर रहे हैं। एसबीआई प्रमुख के अनुसार सुविधा लेने वाले अधिकतर ग्राहक अपनी किस्तों को आसानी से चुका सकते थे। ऐसे ग्राहकों की ओर से समय की मांग ओर रणनीति के तहत अपने रुपए को अपने पास रखा और छूट का फायदा उठाया।

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सक्षम लोग चुकाएं समय पर ईएमआई
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रमुख रजनीश कुमार ने ऐसे सक्षम कर्जदारों को सलाह देते हुए कि अगर वो नकदी की कमी से नहीं जूझ रहे हैं तो उन्हें ईएमआई चुकाने की सलाह दी जाती है। वहीं वो भुगतान करने में असमर्थ हैं तो वो लोन मोराटोरियम का लाभ ले सकते हैं। रजनीश कुमार का कहना है कि लोन की ईएमआई चुकाने से राहत की अवधि का विस्तार उद्योगों के लिए फायदेमंद होगा। वहीं कर्ज समय पद चुका देने से आरबीआई को एनपीए अकाउंट्स का दोबारा से पुनर्गठन करने की जरूरत नहीं होगी।

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अब 31 अगस्त तक दी राहत
शुक्रवार को रिजर्व बैंक के गवर्नर ने घोषणा करते हुए लोन मोराटोरियम पीरियड को जून से 31 अगस्त 2020 तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे पहले मार्च से मई तक इसकी सुविधा दी गई थी। सरकार द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज के बाद लोन मोराटोरियम पीरियड बढ़ाने की मांग बढ़ गई थी। आरबीआई पर इस मामले में काफी दबाव था। वहीं आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 40 आधार अंक और रिवर्स रेपो रेट में 35 आधार अंकों की कटौती फायदा पहुंचाने का प्रयास किया था।

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Saurabh Sharma Desk/Reporting
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