
नई दिल्ली। वर्ल्ड बैंक के सामने भारत की साख और विश्वसनीयता कैसी है वो इस आज साबित हो गई है। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लडऩे के लिए वल्र्ड बैंक की ओर से जो फंड जारी किया गया है उसके तहत भारत को पाकिस्तान के मुकाबले 5 गुना जारी हुआ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि पाकिस्तान को इससे कहीं ज्यादा फंड की जरुरत है, लेकिन आतंकी संगठनों के पनाहगार के रूप में वैश्विक स्तर पर कुख्यात हो चुका पाकिस्तान वल्र्ड बैंक और बाकी आर्थिक एजेंसियों के सामने अभी तक विश्वास कायम नहीं रख सका है। ऐसे ही कुछ हालात अफगानिस्तान में भी देखने को मिले हैं। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर भारत और बाकी देशों को वर्ल्ड बैंक की ओर से कितना रुपया दिया गया है।
भारत को मिना इतना रुपया
विश्व बैंक ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की चुनौती से निपटने के लिए भारत को एक अरब डॉलर यानी 76 अरब रुपए की मदद दी है। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों के मंडल ने गुरुवार को विकासशील देशों के लिए आपातकालीन सहायता की पहली किस्त के तौर पर 1.9 अरब डालर की वित्तीय सहायता प्रदान की, जिसकी आधे से अधिक राशि भारत को दी गई है। यह राशि भारत को बेहतर स्क्रीनिंग, संपर्कों की पहचान में मदद के लिए प्रयोगशाला जांच, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण खरीदने और नये आईसोलेशन वार्ड बनाने में मदद के लिए दी गई है।
पाकिस्तान को भारत के मुकाबले पांच गुना रकम मिली
वहीं बात पाकिस्तान की करें तो उसे वल्र्ड बैंक की ओर से भारत के मुकाबले कोरोना फंड के रूप में पांच गुना कम रुपया मिला है। पाकिस्तान को 20 करोड़ डॉलर दी गई है। वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान को 10 करोड़, मालदीव को 73 लाख डाॅलर और श्रीलंका के लिए 12.86 करोड़ डॉलर की सहायता को मंजूरी दी है। विश्व बैंक ने कहा है कि उसने वैश्विक कोविड 19 महामारी की चुनौती से निपटने में राष्ट्रों की सहायता के लिए 15 माह में 160 अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता जारी करने को स्वीकृति दी है।
Published on:
03 Apr 2020 01:53 pm
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