
आपके Digital Payment का डेटा भारत में स्टोर करेगा WhatsApp, RBI की मानी बात
नई दिल्ली।भारतीय रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) के आदेश को मानते हुए इंस्टैंट मैसेजिंग सेवा प्रदाता व्हाट्सऐप ( WhatsApp ) ने भारत में डेटा स्टोरेज ( data storage ) करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस मामले की जानकारी रखने वाले दो लोगों ने बताया कि फेसबुक ( Facebook ) की मालिकाना वाली व्हाट्सऐप सर्विस अब अपने डिजिटल पेमेंट सेवा ( Digtial Payment Service ) को कॉमर्शियल रूप से लॉन्च करने के अंतिम चरण में है।
व्हाट्सऐप की तरफ से उठाया गया यह कदम भारतीय बैंकिंग नियामक की एक बड़ी सफलता की तरफ पहली सीढ़ी माना जा रहा है। बताते चलें कि केंद्रीय बैंक ने सभी डिजिटल पेमेंट कंपनियों को भारत में ही अपना डेटा स्टोरेज स्थापित करने की बात कही है।
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पूरी हुई शुरुआती प्रक्रिया
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, व्हाट्सऐप अपना यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस आधारित सेवा icici bank बैंक के साथ शुरू करेगा। वहीं बहुत जल्द ही यह सेवाएं Axis Bank , HDFC Bank , व SBI के साथ भी शुरू कर दी जाएंगी। इकोनॉमिक टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, "डेटा लोकलाइजेशन को पूरा करने के लिए व्हाट्सऐप ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर लिया है। जब ऑडिटर्स अपनी रिपोर्ट नियामक को जमा कर देंगे, उसके बाद कंपनी अपनी पेमेंट एप्लीकेशन को लाइव कर सकती है।"
ऑडिट प्रक्रिया को भी करना होगा पूरा
रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, सभी पेमेंट कंपनियों को सबसे पहले डेटा स्टोरेज सुविधा को स्थापित करना होगा, फिर इस संबंध में ऑडिट रिपोर्ट केंद्रीय बैंक को जमा करना होगा। ऑडिटिंग प्रक्रिया केवल उन्हीं ऑडिटर्स से पूरा करवाया जा सकता है जो इंडियन कम्प्युटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम के पैनल के हों।
नियामकीय पेंच में फंसी थी कंपी
हालांकि, व्हाट्सऐप ने इस संबंध में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं किया है। करीब एक साल पहले व्हाट्सेएप ने अपने पेमेंट सर्विस को पाइलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया था, लेकिन कंपनी कई तरह की नियामकीय पेंच में फंस गई। पिछले साल ही फरवरी माह में व्हाट्सऐप ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ मिलकर यह सेवा शुरू करने का प्रयास किया थात्र, लेकिन कंपनी को केवल बीटा वर्जन तक ही सीमित होना पड़ा।
RBI ने नोट रीलीज में क्या कहा था
पिछले साल 16 अप्रैल को आरबीआई ने अपने नोट रीलीज में कहा था, "सभी सिस्टम प्रदाता को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेमेंट संबंधी डेटा भारत में ही स्टोर किया जाये।" बुधवार को केंद्रीय बैंक ने एक नोटिफिकेशन में यह भी कहा कि जिन घरेलू डेटा को विदेशों में प्रोसेस किया जाता है, उसे अब भारत में ही किया जाना चाहिए।
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Published on:
27 Jun 2019 12:38 pm
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