
फाइल फोटो: पत्रिका
फिरोजाबाद जिला एवं सत्र न्यायालय के जस्टिस ने आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को दोषी करार दिया है। यह फैसला जिला न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने सुनाया है। इस मामले के संबंध में शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने अहम जानकारी दी है। राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की कार्रवाई काफी तेज रही। पुलिस ने घटना के केवल 6 दिन के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसी वजह से मुकदमे की सुनवाई भी तेजी से आगे बढ़ी। कम समय में जांच पूरी करके अदालत के सामने मजबूत साक्ष्य पेश किए गए।
सरकारी वकील राजीव उपाध्याय प्रियदर्शी ने बताया कि आज इस घटना को एक महीना और 10 दिन हो गए हैं। शिकोहाबाद पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली यादव कॉलोनी में विराज ने डेढ़ साल के बच्चे को बार-बार जमीन पर पटका, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अदालत में हमारी ओर से 13 गवाहों ने गवाही दी। गवाहों और सबूतों के आधार पर जिला न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग ने आज आरोपी विराज को मौत की सजा सुनाई है।
फिरोजाबाद में सिरसागंज तहसील के गांव बामई निवासी रति के डेढ़ वर्षीय मासूम बेटे आरव की शिकोहाबाद की यादव कालोनी में 30 मई की दोपहर को निर्मम हत्या कर दी गई थी। आरोपी विराज ने मासूम आरव की जमीन पर पटक-पटककर कर मार डाला था। रति की बदायूं के सियाराम नगर निवासी सुमित उर्फ प्रियंक से शादी हुई थी। घरेलू विवाद के चलते सुमित अपने पति से तलाक लेना चाहती थी।
दूसरी तरफ बदायूं के शेखुपुरा निवासी फुफेरा देवर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक एकतरफा प्रेम के चलते सुमित से शादी करना चाहता था। विराज शादी के लिए सुमित पर दवाब बना रहा था, लेकिन रति (सुमित) बच्चे का हवाला देकर उसे मना कर देती थी। इसलिए विराज ने बच्चे की पटक-पटक कर हत्या कर दी थी। इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसी दिन विराज को 6 घंटे बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
Updated on:
10 Jul 2026 05:31 pm
Published on:
10 Jul 2026 04:42 pm
