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राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: ‘जांच में शामिल कुछ लोगों पर धोखाधड़ी के केस हैं’, सपा सांसद अवधेश प्रसाद बोले- SIT का कोई मतलब नहीं

राम मंदिर दान विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी सांसद अवधेश प्रसाद ने SIT की जांच पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जांच में शामिल कुछ लोगों पर पहले से धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
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भारत

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Rahul Yadav

Jul 10, 2026

supreme court ram mandir donation theft sit status report

राम मंदिर (फोटो-ANI)

Ram Mandir Donation Row:राम मंदिर चंदा चोरी विवाद को लेकर अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने SIT की जांच पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि SIT के गठन का कोई मतलब नहीं है और इसकी जांच का कोई महत्व नहीं है। अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि जांच में शामिल कुछ लोगों पर पहले से धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और पूरे मामले को दबाने का प्रयास हो रहा है।

चढ़ावा चोरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद रशीद अल्वी ने इस पूरे प्रकरण पर भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता ने कहा- इस घोटाले में कुछ बड़े नेताओं की मिलीभगत है और यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर अब तक खामोश बने हुए हैं।

रशीद अल्वी ने पूछा- PM मोदी क्यों खामोश हैं?

कांग्रेस नेता रशीद अल्वी ने राम मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, जो सुबह-शाम भगवान राम का नाम लेते हैं, वहां (राम मंदिर) डकैती पड़ रही है तो खामोश हैं? उत्तर प्रदेश की SIT, SIT नहीं है, बल्कि नेताओं को बचाने के लिए एक समिति है। मैं बार-बार कहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट के जजों की देख-रेख में एक जांच समिति बननी चाहिए।

रशीद अल्वी बोले- राम मंदिर में खुली डकैती हुई

रशीद अल्वी ने इस पूरे मामले को खुलेआम 'डकैती' बताया है। उन्होंने सीधे तौर पर सत्तापक्ष को घेरते हुए कहा कि राम मंदिर के अंदर जो डकैती हुई है, भाजपा के नेता, भाजपा की सरकार और RSS के नेताओं के बिना ये संभव नहीं हो सकता। इसमें सभी लोग शामिल हैं। अगर ईमानदारी के साथ जांच होती तो इसमें पता नहीं कितने बड़े लोगों के नाम आ जाते।