30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Cochlear implant Surgery योगी सरकार छह लाख रुपये का ऑपरेशन फ्री में करा रही, नोट करें तारीख

-जिला अस्पताल फिरोजाबाद में 27 जुलाई, 2019 को लगेगा शिविर-पांच साल के बच्चों को ऑपरेशन के लिए किया जाएगा चयन-ऑपरेशन के बाद स्पीच थैरेपी, सुन व बोल सकेंगे मूकबधिर बच्चे

3 min read
Google source verification
Cochlear implant Surgery

Cochlear implant Surgery योगी सरकार छह लाख रुपये का ऑपरेशन फ्री में करा रही, नोट करें तारीख

फिरोजाबाद। जन्म से सुन न सकने के कारण बोल पाने में भी असमर्थ बालक बालिकाओं को उत्तर प्रदेश सरकार नया जीवन प्रदान करना चाहती है। सरकार ऐसे बच्चों की निःशुल्क कोकलियर इम्प्लांट सर्जरी (Cochlear implant Surgery -कर्णावती प्रत्यारोपण) करेगी। इम्प्लांट सर्जरी की पात्र शून्य से पांच वर्ष के बालक बालिकाएं हैं। एक सर्जरी में तकरीबन छह लाख तक का खर्च होता है,जिसे सरकार वहन करेगी। कोकलियर इंप्लांट सर्जरी (Cochlear implant Surgery) के बाद यदि निरंतर नियमबद्ध तरीके से स्पीच थेरेपी नहीं होगी तो न तो अपेक्षित परिणाम आएंगे और न ही बालक बालिकाएं सामान्य बच्चों की तरह बोलने में पूर्णरूपेण समर्थ हो सकेंगे। इसलिए सरकार ने कोकलियर इंप्लांट सर्जरी (Cochlear implant Surgery) के बाद निरंतर निःशुल्क स्पीच थेरेपी का भी प्रावधान किया है।

यह भी पढ़ें- 25 हजार के इनामी साजिद की तीन राज्यों की पुलिस को थी तलाश, गिरफ्तार

यह भी पढ़ें- सीवर का गड्ढा खोद रहे दो मजदूरों के ऊपर गिरी मिट्टी की ढाय, मौत

जिला अस्पताल फिरोजाबाद में लगेगा शिविर
उत्तर प्रदेश शासन के दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग ने शून्य से 5 वर्ष तक की उम्र के गूंगे बहरे बालक बालिकाओं के लिए निशुल्क कोकलियर इंप्लांट सर्जरी (Cochlear implant Surgery) के लिए पात्र बालक बलिकाओं के चयन के लिए स्क्रीनिंग शिविर 27 जुलाई, 2018 को जिला चिकित्सालय फिरोजाबाद (District hospital firozabad) के ईएनटी विभाग (ENT department) में प्रातः 9 से शाम 5 बजे तक आयोजित किया है। यूपी सरकार ( Yogi sarkar) इस कार्य के लिए प्रति बालक 6 लाख रुपये तक खर्च करेगी। ऑपरेशन के बाद स्पीच थैरेपी के कई सेशन चलते हैं। इसके बाद मूकबधिर (गूंगे बहरे) बालक बालिकाएं सुनने में सक्षम हो सकेंगे। कॉकलियर इम्प्लांट के बाद उत्तम परिणाम के लिए लगातार नियम से स्पीच थैरेपी बहुत जरूरी होती है।

यह भी पढ़ें- मुड़िया पूर्णिमा: देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालु, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

स्क्रीनिंग कमेटी करेगी चयन
दिव्यांगजन शशक्तिकरण विभाग स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा चयनित बालक बालिकाओं का ऑपरेशन कर उच्च तकनीक आधारित कॉकलीयर इम्प्लांट किया जाएगा,जिससे बच्चा सुनने में समर्थ बन सकेगा। ऑपरेशन के उपरान्त निरन्तर स्पीच थिरैपी भी विभाग द्वारा ही निःशुल्क कराई जाएगी,तभी बालक सुनने के साथ समझने व बोलने में सक्षम होकर वह सामान्य बालकों की तरह अपना जीवन यापन कर सकता है।

यह भी पढ़ें- मरीज के साथ जिला अस्पताल पहुंचे तो करना पड़ सकता है यह काम, देखें वीडियो

ये प्रमाणपत्र साथ लाएं
रेडक्रॉस सोसायटी के महासचिव एवं राष्ट्रीय मूक बधिर विद्यालय समिति के सचिव विश्वमोहन कुलश्रेष्ठ ने बताया कि अभिभावक मूकबधिर बालक बालिकाओं को इस शिविर में जरूर लाएं। शिविर में अपने बच्चे का आधार कार्ड, एक फोटो तथा स्वयं अपना या परिवार के मुखिया का तहसील द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र,जिसमें शहरी क्षेत्र के लिए वार्षिक आय 112000 रुपये से अधिक ना हो तथा ग्रामीण क्षेत्र के लिए 92000/रुपये सालाना आय से अधिक न हो, साथ लाना होगा। यह पहली बार हो रहा है, जब उत्तर प्रदेश सरकार ऐसे दिव्यांग बालक, बालिकाओं के लिए कॉकलीयर इम्प्लांट पर 6 लाख रुपये खर्च कर रही है।

यह भी पढ़ें- कहीं आपके पास भी तो नहीं है फर्जी आधार, हो सकती है जेल!

इस तरह होता है काम
उन्होंने बताया कि कॉकलीयर इम्प्लांट से सुनने की शक्ति मस्तिष्क तक पहुँचाई जाती है। इम्प्लांट के तीन भाग होते हैं। पहले भाग में ऑपरेशन कर कान के पीछे की हड्डी पर इम्प्लांट लगाया जाता है तथा कान के पास मस्तिष्क के बाहरी हिस्से में माइक्रोफोन एवं
स्पीच प्रोसेसर लगाया जाता है और बाहर की आवाजों को अंदर पहुँचाया जाता है। दूसरे भाग में मैपिंग की जाती है। इसमें अन्दर और बाहर के इम्प्लांट के बीच सामन्जस्य बैठाया जाता है। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है एवीटी (ऑडिटरी वर्बल थिरैपी)। इसके तहत बच्चे को बोलने, आवाजों को समझने, पहचानने और रेस्पांस करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। निरन्तर अभ्यास द्वारा बच्चे को साधारण बालक की तरह जीवने जीने के लिए सक्षम बनाया जाता है।

यह भी पढ़ें- सैन्य सम्मान के साथ हुआ सैनिक का अंतिम संस्कार

यहां करें संपर्क
श्री कुलश्रेष्ठ ने मूकबधिर बालक -बालिकाओं के अभिभावकों से अनुरोध किया है कि अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाने और दिव्यांगता से मुक्ति दिलाने के लिए इस शिविर का लाभ लें। किसी प्रकार की जानकारी या परामर्श हेतु दीक्षारानी कुलश्रेष्ठ, प्रधानाचार्य राष्ट्रीय मूक बधिर विद्यालय सेक्टर-1, सुहागनगर फिरोजाबाद या रेडक्रॉस सोसायटी कार्यालय, रेडक्रॉस भवन, निकट पोस्टमार्टम हाउस,जिला अस्पताल फिरोजाबाद में संपर्क अथवा मोबाइल नम्बर 9458404561 पर वार्ता भी कर सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक अभिभावक दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनुपम राय से उनके मोबाइल नम्बर 8126815748 पर भी विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

Story Loader