
फिरोजाबाद। थाना मटसेना पुलिस बुधवार को आकलाबाद हसनपुर में दबिश देने गई। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने महिला और बच्चों के साथ मारपीट की। घर में तोड़फोड़ भी की। जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तो उसे सरकारी ट्रामा सेंटर लाया गया। यहां से परिजन उसे घर ले गए। हालांकि पुलिस इन आरोपों को बेबुनियाद बता रही है। पुलिस का कहना है कि जानलेवा हमले के आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी थी। मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप गलत हैं।
ये है पूरा मामला
आकलाबाद हसनपुर निवासी पीड़ित महिला सुनीता देवी ने अपनी पीठ और हाथों में कई जगहों पर पिटाई के निशान दिखाते हुए बताया कि मंगलवार रात करीब एक बजे पुलिस कुछ सादा वर्दी के लोगों के साथ आयी और मकान का दरवाजा तोड़ दिया। इस दौरान पुलिस ने गाली गलौज करने के साथ उसे व उसके दोनों बच्चों को पीटा। विरोध करने पर घर के अंदर का दरवाजा भी तोड़ दिया और पति सुखवीर सिंह को साथ पकड़कर ले गई। बुधवार दोपहर महिला की हालत बिगड़ने लगी तो उसके देवर जितेन्द्र उसे लेकर मटसेना थाने मजमूनी चिट्ठी बनवाने गए। लेकिन पुलिस ने नहीं दी। इसके बाद उन्हें सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
Published on:
11 Jul 2019 10:19 am
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