Reliance की 43वीं AGM में अंबानी ने हैंडसेट मार्केट के प्लान्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि jio का लक्ष्य 2023 तक 500 मिलियन मोबाइल ग्राहक बनाना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी अपने नए सहयोगी गूगल के साथ मिलकर किफायती 4जी और 5जी डिवाइस लाएगी, जो एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेंगे।
Reliance jio जल्द ही मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री कर सकती है। खबरें हैं कि jio, यूनाइडेट टेलिलिंक्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट-मैन्युफैक्चरिंग डील कर सकती है। हालांकि रिलायंस इंडस्ट्रीज की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रिपोर्ट के अनुसार,jio अपने ग्राहकों के लिए सस्ता एंड्रायड फोन पेश कर सकती है। हाल ही एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कंपनी 4000 से कम में एंट्री-लेवल एंड्रॉयड स्मार्टफोन ला सकती है। अगर ऐसा होता है तो इससे चीनी और लोकल हैंडसेट कंपनियों पर दबाव पड़ेगा।
बता दें कि कुछ महीनों पहले रिलायंस की 43वीं AGM में अंबानी ने हैंडसेट मार्केट के प्लान्स के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि jio का लक्ष्य 2023 तक 500 मिलियन मोबाइल ग्राहक बनाना है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कंपनी अपने नए सहयोगी गूगल के साथ मिलकर किफायती 4जी और 5जी डिवाइस लाएगी, जो एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलेंगे। उन्होंने कहा था कि बहुत सारे फीचर फोन यूजर्स किफायती स्मार्टफोन पर अपग्रेड करने का इंतजार कर रहे हैं। हमने इस चैलेंज को स्वीकार करने का फैसला किया है।
श्री हेमकुंड साहिब में 4 जी सेवा शुरू
रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने श्री हेमकुंड साहिब (Sri Hemkund Sahib) में श्रद्धालुओं के लिए 4जी सेवाएं शुरू कर दी हैं। श्री हेमकुंड साहिब सिख समुदाय का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है और यह उत्तराखंड के चमोली जिले में 13650 फुट की उंचाई पर स्थित है। बता दें कि इस क्षेत्र में 4जी सर्विस पहुंचाने वाला जियो पहला ऑपरेटर है। अब इस दुर्गम क्षेत्र से श्रद्धालु आसानी से वॉइस कॉल और वीडियो कॉलिंग कर सकेंगे। इसके अलावा इंटरनेट सर्फिंग भी अब यहां आसान हो जाएगी। साथ ही इससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होगा औरा पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।
बता दें कि हाल ही Reliane jio ने उत्तराखंड के 7 शहरों में jio fiber ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू की हैं। इनमें देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रूड़की, रूद्रपुर, हल्द्वानी और काशीपुर शामिल हैं। jio fiber ब्रॉडबैंड सेवाओं से उत्तराखंड में करीब 1 लाख से अधिक घर जुड़ चुके हैं।