
Chinese mango: भले ही फलों का सेवन हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया है, लेकिन वही फल अगर कैमिकल से पकाए गए हों तो सेहत के लिए काफी घातक साबित हो सकता है। इन दिनों शहर और गांवों में बिक रहे मौसमी फलों को भी मुनाफे के लिए कैमिकल से पका कर बाजार में खपाया जा रहा है।
फल व्यापारियों द्वारा आम, केला, पपीता व अनार सहित अन्य फलों को घातक चाइनीज कैमिकल ( Chinese Mango ) व गैस से पकाया जा रहा है, जो हमारे शरीर को फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचा रहे हैं।
बहुत ही पीले और आकर्षक पके केले इन दिनों शहर में दिखाई दे रहे हैं। ( Chinese Mango ) व्यापारियों ने बताया कि गोदामों में कैरेट भर भर कर पीले केले सप्लाई हो रहा है। जानकारी के मुताबिक कच्चे केले को 17 से 18 मैंटेन टेप्रेचर में रखा जाता है। इसके बाद गोदाम में रखे केले के कैरेटों पर एथलीन गैस का स्प्रे कर देते हैं। छोटे व्यापारी एथलीन रिपेनर नाम के रसायन से भी केले पका रहे हैं। इससे सभी केले अच्छी तरह पक जाते हैं।
पत्रिका टीम थोक फल सब्जीमंडी के गोदामों तक पहुंची तो पाया कि फलों के बीच छोटी-छोटी पुड़िया रखी हुई थी। ( Chinese Mango ) पास में जाकर देखा तो कैमिकल से भरी पुड़िया थी। चीन से निर्मित कैमिकल की इन पुड़ियाओं पर बहुत ही बारीक अक्षरों में लिखा था कि यह मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है, इसलिए बच्चों की पहुंच से दूर रखें।
नगर की सड़कों में बाहर से आए कुछ फल व्यवसायी भी इन दिनों आकर्षक व पीले दिखाई देने वाले फलों को स्वादिष्ट व रसदार बताकर बेच रहे हैं। इनके पास चाइनीज कारपेट या चीनी की पुड़िया नाम से छोटी सी पुड़िया होते हैं ( CG Chinese Mango ) जिसे बकायदा उनके द्वारा दिखाया भी जाता है और बताया जाता है कि यह फल विशेष रसायन से पकाया गया है जो शरीर के लिए नुकसान दायक नहीं है। दअसल यह पुड़िया चायनीज कैमिकल युक्त रसायन होती है।
पं. रविशंकर शुक्ल विवि के रसायनविद् डॉ शस परवेज ने बताया कि रसायन किसी भी रूप में हमारे शरीर के लिए नुकसान दायक होता है। ( CG Chinese Mango ) यह पेट के जरिए शरीर में प्रवेश करता है और दिमाग से लेकर शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता हैं। रासायनिक कैमिकल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। किसी भी तरह के रसायन को कम करने के लिए फल, सब्जी को कुछ देर के लिए पानी में डुबा कर रखना चाहिए। इस प्रक्रिया से फलों व सब्जियों में रासायनिक तत्व का प्रभाव खत्म हो सकता है।
Updated on:
29 May 2024 07:28 am
Published on:
28 May 2024 06:59 pm
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