एग्जाम हॉल में भी उसे देखकर हर कोई दंग था। लाख मुसीबतों को सहते हुए भी बिटिया ने पूरी परीक्षा दिलाई। उसके इस हौसले की चर्चा चारों ओर फैल गई। हो भी क्यों न, शिक्षा के लिए ऐसी ललक भला हर किसी में कहां देखने मिलती है! मिली जानकारी के अनुसार, राजिम के पास कौंदकेरा गांव की छात्रा नेहा सेन पहली पाली में प्री-डीएड और दूसरी पाली में प्री-बीएड की परीक्षा दिलाने के लिए अपने पिता योगेश्वर सेन के साथ गरियाबंद आने के लिए निकली थी। दोनों परीक्षा 3 घंटे के अंतराल में होनी थी।