
मलबता हटाती टीम
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद . मुरादनगर के जिस श्मशान घाट का लिंटर गिरा है उसके मरम्मत कार्य के लिए 50 लाख रुपये का टेंडर दिया गया था। अक्टूबर माह में ही इस लिंटर का कार्य पूरा हुआ था और वर्तमान समय में भी यहां मरम्मत कार्य चल रहा है।
रविवार काे बरसात हाे रही थी और अंतिम संस्कार के लिए आए लाेग बरामदे के नीचे खड़े हाे गए थे। इसी दाैरान अचानक बरामदे का लिंटर ढह गया जिसके मलबे में करीब 40 लाेग दब गए। कड़ी मशक्कत के बाद इन सभी को मलबे से बाहर निकाला गया। रविवार शाम तक 23 लाेगाें की माैत हाे चुकी थी और 38 लाेगाें काे अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। सीएम के आदेशाें के बाद दुर्घटना के कारणाें का पता लगाने में प्रशासनिक अमला जुट गया है। इस दुर्घटना के बाद कई नाम सामने आ सकते हैं जिन पर कार्रवाई लगभग तय है।
गाजियाबाद मुरादनगर पालिका के चेयरमैन विकास तेवतिया ने बताया कि मुरादनगर के बंबा रोड स्थित उखलारसी गांव के पास स्थित श्मशान घाट के जीर्णोद्धार के लिए नगर पालिका से करीब 50 लाख का टेंडर ठेकेदार अजय कुमार त्यागी के नाम पास हुआ था। उन्ही की देखरेख में इस श्मशान घाट की बाउंड्री वाल और बरामदे के अलावा अन्य निर्माण कार्य कराया जा रहा था।
रविवार काे हुए हाद्से में 40 लोग एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करने के लिए इस श्मशान घाट में आए थे। देर रात से ही लगातार बारिश हो रही थी। बारिश से बचने के लिए और मौन धारण करने के लिए लोग बरामदे के नीचे खड़े हो गए। अचानक ही इसी दौरान यह लेंटर भरभरा कर नीचे आ गिरा जिसके मलबे में लाेग दब गए।
विकास तेवतिया ने कहा कि पालिका स्तर पर भी इसकी गहन जांच कराई जाएगी। उन्हाेंने यह भी कहा कि वह दाेषियाें के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं। प्राथमिक पड़ताल की रिपाेर्ट आनी हैं। फिलहाल आशंका जताई जा रही है कि जो निर्माण कार्य कराया जा रहा था उसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
Published on:
3 Jan 2021, 8:31 PM IST
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