6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UP Panchayat Election: आम आदमी पार्टी ने जारी की 309 प्रत्याशियों की लिस्ट

Highlights - जिला पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव में 'आप' ने उतारे उम्मीदवार - डॉक्टर से लेकर वकील और महिलाओं को भी दिया टिकट - यूपी के इलेक्शन कमिशन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

2 min read
Google source verification
ghaziabad.jpg

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने एक प्रेसवार्ता कर पंचायत चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि बंगाल में प्रधानमंत्री ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे गली का गुंडा भी नही करता। उन्होंने कहा कि ममता बैनर्जी ने बीजेपी के खिलाफ जो मोर्चा बनने की बात कही है, वो बिल्कुल सही है। बीजेपी राज्यों की संवैधानिक शक्तियों को छीन रही है। दिल्ली में जो सरकार चुनी गई उसके ऊपर एलजी को बिठा दिया गया।

यह भी पढ़ें- Panchayat Election: देवरानी को मिला भाजपा से टिकट तो मुकाबले में उतरी जेठानी, बीजेपी विधायक के भाई भतीजे हुए बागी, निर्दलीय भरा पर्चा

संजय सिंह ने कहा कि कोविड-19 के प्रति सभी लोगों को सचेत रहना चाहिए और पार्टियों को भी कोरोना को लेकर कोई राजनीति नहीं करनी चाहिए। लॉकडाउन नहीं लगना चाहिए। इतने आदमी कोरोना से नहीं मरे जितने लॉकडाउन में मर गए। उन्होंने कहा कि लखनऊ में बेड नहीं मिल रहे हैं। दिल्ली में जैसे वैक्सीन लगाई जा रही है वैसे ही यूपी में भी लगे। तभी उत्तर प्रदेश के लोगों को राहत मिल पाएगी। संजय सिंह ने कहा कि यूपी के पंचायत चुनाव में पार्टी ने लगभग सभी सीटों पर लड़ने का फैसला लिया है। पहले 500 लोगो की सूची तैयार जारी की गई थी। इसी कड़ी में अब 309 उम्मीदवारों की घोषणा की जा रही है, जिसमें डॉक्टर से लेकर वकील, महिलाएं और राजनीतिक लोगों को टिकट दिया गया है।

संजय सिंह ने यूपी के इलेक्शन कमिशन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन ने सिम्बल मिलने के बाद महज 5 दिन समय दिया है। कम से कम 15 दिन का समय मिले, ताकि उम्मीदवार अपनी ठीक से तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा इससे पैसे वालों का चुनाव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को फॉर्म मिलने से लेकर भरने तक कठनाई आ रही है। उन्होंने कहा कि दलितों, पिछड़ों और किसानों के साथ पिछले 4 वर्षों अन्याय हुए इस बार बीजेपी को सबक सिखाने का काम किया जाएगा। कानपुर से लेकर हाथरस तक की घटना याद करने का समय है।

यह भी पढ़ें- पत्नी के नामांकन करते ही धनंजय सिंह के जौनपुर शहर व गांव के घर पर पुलिस की छापेमारी