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वायु प्रदूषण के चलते 421 इकाइयों को बंद करने के आदेश, औद्योगिक संगठनों ने जताई आपत्ति

Air Pollution Effect : एनसीआर गुणवत्ता आयोग के चेयरमैन ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सीएनजी और पीएनजी के अलावा अन्य ईंधन से संचालित किए जाने वाली 421 इकाइयाें 12 दिसंबर तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। हालांकि औद्योगिक संगठनों ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए एनसीआर कमीशन गुणवत्ता आयोग से अपनी बात रखने का समय लिया है।

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गाजियाबाद. दिल्ली के साथ ही गाजियाबाद में लगातार वायु प्रदूषण (Air Pollution) का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। दिवाली के बाद शुरू हुआ वायु प्रदूषण का दौर बारिश और हवा चलने के बाद भी नहीं थम रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब उद्योगों पर भी वायु प्रदूषण का असर देखने को मिला है, क्योंकि प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन कई तरह की योजनाओं पर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में एनसीआर गुणवत्ता आयोग के चेयरमैन ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए सीएनजी और पीएनजी के अलावा अन्य ईंधन से संचालित किए जाने वाली 421 इकाइयाें 12 दिसंबर तक के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। हालांकि औद्योगिक संगठनों (Industrial Organization) ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए एनसीआर कमीशन गुणवत्ता आयोग से अपनी बात रखने का समय लिया है।

गौरतलब है कि दिल्ली एनसीआर में दिवाली के बाद से लगातार वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है। इसके कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से दमा के रोगियों के अलावा बुजुर्गों और बच्चों को बेहद परेशानी हो रही है। हालांकि वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन कई तरह की योजनाओं पर कार्य कर रहा है। उसके बावजूद भी प्रदूषण के ग्राफ में कमी होती नजर नहीं आ रही है।

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वायु प्रदूषण का ग्राफ कम नहीं होने पर बढ़ाई जा सकती है अवधि

हाल ही में एनसीआर के गुणवत्ता आयोग के चेयरमैन ने औद्योगिक इकाइयों को हफ्ते में केवल 5 दिन और 8 घंटे चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन अब 12 दिसंबर तक सीएनजी और पीएनजी के अलावा अन्य ईंधन से संचालित की जाने वाली 421 इकाइयों को बंद करने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके साथ ही कहा गया है कि यदि इससे प्रदूषण के ग्राफ में कमी नहीं आई तो यह अवधि बढ़ाई भी जा सकती है।

भुखमरी की कगार पर आ सकते हैं लोग

421 इकाइयों को बंद करने के आदेश पर उद्योग संगठन के लोगों ने नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अपनी बात रखने के लिए एनसीआर गुणवत्ता आयोग से समय भी लिया है। औद्योगिक संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि उद्योग अभी लॉकडाउन की मार से नहीं उबर पाया है। वहीं, अब प्रदूषण के कारण औद्योगिक इकाइयों को बंद किए जाने के आदेश दिए जा रहे हैं। इससे सभी का धंधा पूरी तरह चौपट हो जाएगा। इस तरह से उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारी भी नियमित नहीं रह पाएंगे और लोग भुखमरी की कगार पर आ सकते हैं।

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