14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब झूठी कॉल कर राशन मंगाने वालों की खैर नहीं, होगी यह कार्रवाई

Highlights - जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने झूठी सूचना देकर राशन मंगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए - गाजियाबाद में कई लोगों के खिलाफ दर्ज किए जाएंगे मुकदमे - घर में राशन होने के बावजूद कंट्रोल रूम फोन कर राशन मंगा रहे लोग
2 min read
Google source verification
ghaziabad2.jpg

गाजियाबाद. देशभर में लॉकडाउन जारी है इस दौरान किसी को भी घर से निकलने की अनुमति नहीं है। जिन लोगों को खाने-पीने या जरूरी सामान की आवश्यकता है उनके यहां प्रशासनिक अधिकारी या पुलिसकर्मी सामान पहुंचा रहे हैं। इसी बीच शिकायतें मिल रही है कि कुछ लोग झूठी सूचना देकर राशन मंगवा रहे हैं। इसे जिला प्रशासन अब गंभीरता से लेते हुए झूठी सूचना देकर राशन मंगाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रहा है।

यह भी पढ़ें- बुजुर्ग महिला ने कोरोना से लड़ने के लिए दान की जीवनभर की जमा पूंजी, प्रियंका गांधी ने लिखा भावुक पत्र

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे ने खाद्यान की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद फर्जी शिकायत दर्ज कराकर अन्न मांगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि मसूरी के हरेंद्र कुमार ने कंट्रोल रूम में शिकायत करते हुए 30 लोगों के लिए राशन की मांग की थी। जांच के दौरान पाया गया कि हरेंद्र कुमार के पास धौलाना से एक दिन पहले ही लगभग 30 किलो राशन उपलब्ध कराया जा चुका था। इस बारे में गहनता से जांच कराई गई तो पता चला कि हरेंद्र राशन की जमाखोरी करने की नीयत से गाजियाबाद जिले के कंट्रोल रूप में फोन करके राशन की मांग की गई थी।

मामला संज्ञान में आने के बाद कोविड-19 महामारी के समय आपदा प्रबंधन अधिनियम का उल्लंघन करने पर जिलाधिकारी ने हरेंद्र कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके अलावा थाना खोड़ा कॉलोनी इलाके में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है। खोड़ा के रामभगत और चार अन्य लोगों के खिलाफ तथा लोनी के बजरंग प्रसाद, मकसूद और तीन अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि इस समस्या से जूझते लोगों की जरूरत को समझते हुए रोजाना जनसहयोग से एक लाख 40 हजार राशन के पैकेट का वितरण किया जा रहा है और हर व्यक्ति को पूरा भोजन मिल रहा है। उसके बाद भी कुछ इस तरह के अराजक तत्व हैं, जो सिस्टम को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। जिला अधिकारी का कहना है कि इस पूरे मामले में भी अब प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा पूरी निगरानी की जा रही है। इससे पहले भी मोदीनगर इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। इस तरह झूठी कॉल कर राशन मंगाने वालों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा लिखाई जाने के आदेश जारी किए गए हैं।

यह भी पढ़ें- भाजपा नेता के पिता की कोरोना संक्रमण से मौत, संपर्क में आए सभी बड़े नेता क्वारंटीन