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तीन दशकों से पर्यावरण के लिए कर रहे हैं काम, विश्व पर्यावरण दिवस पर मिला सम्मान

खबर की मुख्य बातें- -प्रगति मैदान में इंटरनेशनल इनवायरमेंट कांफ्रेंस का आयोजन किया गया -कांफ्रेंस का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से किया गया -यहां पर्यावरणविद ज्ञानेंद्र रावत को 'पर्यावरण भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया

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तीन दशकों से पर्यावरण के लिए कर रहे हैं काम, विश्व पर्यावरण दिवस पर मिला सम्मान

गाजियाबाद। लोगों ने अलग-अलग प्रकार से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया। किसी ने इस दिन पेड़-पौधे लगाए तो किसी ने लोगों को जागरूक करने का काम किया। इसी कड़ी में प्रगति मैदान में आयोजिन इंटरनेशनल इनवायरमेंट कांफ्रेंस में वरिष्ठ पत्रकार, लेखक एवं पर्यावरणविद ज्ञानेंद्र रावत को प्रख्तात पर्यावरणविद, पद्मविभूषण, मैग्सेसे, गांधी शांति व संयुक्त राष्ट्र वैश्विक पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित चंडी प्रसाद भट्ट व प्रख्यात समाजसेवी व राष्ट्रीय युवका योजना के संस्थापक डॉ एस.एन सुब्बाराव ने 'पर्यावरण भूषण सम्मान’ से सम्मानित किया। इसके साथ ही रावत को एक शाल, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।

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यह सम्मान ज्ञानेंद्र रावत को बीत दशकों में पर्यावरण संरक्षण हेतु किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है। इस कांफ्रेंस का आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एंव जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण के सहयोग से ग्रीन सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा किया गया।

गौरतलब है कि रावत बीत तीन दशकों से पर्यावरण संरक्षण कार्यों के साथ-साथ दैनिक समाचार पत्रों, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक पत्र-पत्रिकाओं में अपने लेखों के माध्यम से समाज में पर्यावरण रक्षा हेतु जन जागरण का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। पर्यावरणीय मुद्दों पर तथ्यपूर्ण आलेखन इनकी विशिष्ट पहचान है।

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पर्यावरण पर लिखी इनकी पुस्तकें विश्वविद्यालयी छात्र-छात्राओं के लिए संदर्भ ग्रंथ के रूप में चर्चित हैं एवं शोधार्थियों के दिशा-निर्देशन में प्रभावी भूमिका का निर्वहन करती हैं। इससे पूर्व रावत को गंगा सेवा सम्मान, जल संरक्षण सम्मान, गंगा नदी संरक्षण सम्मान, विज्ञान लेखन हेतु हिंदी पत्रकारिता सम्मान, महेश गुप्ता स्मृति सृजन पत्रकारिता सम्मान, पर्यावरण रक्षा सम्मान, ग्रीन इंडिया अवार्ड व पर्यावरण रत्न सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।