1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पूर्व बाहुबली सांसद डीपी यादव हाथ जोड़कर बोले- एसएसपी साहब अब बंद कर दीजिए मेरी हिस्ट्रीशीट

DP Yadav : पूर्व बाहुबली सांसद डीपी यादव ने गाजियाबाद एसएसपी के सामने हाथ जोड़कर अपनी हिस्ट्रीशीट बंद करने की गुहार लगाई है। डीपी यादव ने एसएसपी से कहा कि अब वह बूढ़े हो चुके हैं और कई बीमारियों से भी ग्रस्त हैं। इसलिए वर्षों से खुली उनकी हिस्ट्रीशीट को अब बंद कर दिया जाए।

2 min read
Google source verification
former-mp-dp-yadav-requested-ghaziabad-ssp-to-close-his-history-sheet.jpg

बाहुबली पूर्व सांसद डीपी यादव हाथ जोड़कर बोले- एसएसपी साहब अब बंद कर दीजिए मेरी हिस्ट्रीशीट।

DP Yadav : अपराध की दुनिया से आकर लंबी राजनीति करने वाले पूर्व बाहुबली सांसद डीपी यादव अब बूढ़े हो चुके हैं। इसी कारण वे लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर हैं। वहीं अब पूर्व सांसद ने गाजियाबाद एसएसपी के सामने हाथ जोड़कर अपने गुनाहों की हिस्ट्रीशीट बंद करने का अनुरोध किया है। उन्होंने एसएसपी मुनिराज से गुहार लगाई की अब वह वृद्ध हो चुके हैं। इसके साथ ही कई गंभीर बीमारियों से भी ग्रस्त हैं, इसलिए उनकी हिस्ट्रीशीट को बंद कर दिया जाए। डीपी यादव ने इसके लिए बाकायदा एक प्रार्थना पत्र भी एसएसपी को सौंपा है। इस पर गाजियाबाद एसएसपी ने उन्हें नियमों के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

गाजियाबाद एसएसपी ऑफिस पहुंचे पूर्व बाहुबली सांसद डीपी यादव के प्रार्थना पत्र को फिलहाल एसएसपी मुनिराज ने अपने पास रख लिया है। लेकिन, माना जा रहा है कि एसएसपी के लिए डीपी यादव का प्रार्थना पत्र स्वीकार करना आसान नहीं है, क्योंकि बाहुबली डीपी यादव का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। फिलहाल डीपी यादव का बेटा विकास यादव हत्या के मामले में जेल की सजा काट रहा है। बता दें कि डीपी यादव के नाम से जाने जाने वाले धर्म पाल यादव हिस्ट्रीशीटर की सूची में कविनगर थाने में 69वें स्थान पर हैं।

यह भी पढ़ें- बदमाशों ने आठ साल के बच्चे की ईंट से कुचलकर की हत्या, मां को भी नहीं छोड़ा

आम फरियादियों की तरह लगाई गुहार

डीपी यादव बुधवार को किसी आम फरियादी की तरह एसएसपी ऑफिस पहुंचे और पीछे की सीट पर बैठकर अपना नंबर आने का इंतजार करने लगे। नंबर आने पर वह एसएसपी के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए और एसएसपी से अपनी हिस्ट्रीशीट बंद करने की गुहार लगाने लगे। इस दौरान डीपी यादव ने एक प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें खुद को बुजुर्ग और बीमार होने का हवाला देते हुए अपनी बेगुनाही का भी जिक्र किया है।

यह भी पढ़ें- मैं डीएम बोल रहा हूं मुकदमा वापस ले लो, अब पुलिस उसके पीछे लगी

प्रार्थना पत्र में ये लिखा है डीपी यादव ने

डीपी यादव ने कहा है कि वह 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। उन्हें महेंद्र भाटी हत्याकांड में उत्तराखंड हाईकोर्ट के साथ सुप्रीम कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया है। जबकि अन्य सभी केस में भी उन्हें कोर्ट ने निर्दोष करार दिया है। इसलिए कविनगर थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट का बंद किया जाए। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि डीपी यादव ने हिस्ट्रीशीट बंद करने की मांग की। प्रार्थना पत्र पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी।