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जीडीए की तानाशाही से पांच हजार अफोर्डेबल हाऊसिंग फ्लैट पर लटकी तलवार

अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से जीडीए के इस रवैये की शिकायत की है

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Ghaziabad development authority

गाजियाबाद। जनपद गाजियाबाद में अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति दम तोड़ने की कगार पर पहुंच गई है। इसके पीछे साफ वजह यह है कि जीडीए अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स से जबरन ऐलिवेटिड रोड व मेट्रो चार्ज वसूलने पर अमादा है। जीडीए के इस तानाशाह रवैये की यूं तो कई बार डेवलपर्स शिकायत लखनऊ पंचम तल पर कर चुके हैं, लेकिन शासन की ओर से हाऊसिंग डेवलपर्स को कोई राहत नहीं दी गई है। जिस कारण जनपद गाजियाबाद में लगभग पांच हजार अफोर्डेबल हाऊसिंग फ्लैट पर तलवार लटकी हुई है। अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स एसोसिएशन पदाधिकारियों ने सीएम योगी आदित्यनाथ से जीडीए के इस रवैये की शिकायत की है, साथ ही हाल ही जीडीए मुख्यालय में आयोजित नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना की मीटिंग में भी डेवलपर्स उक्त के संबंध में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी। जब शासन स्तर से समाजवादी आवास योजना शुरू की गई थी। समाजवादी आवास योजना के तहत आम जनता को सस्ती दरों पर फ्लैट उपलब्ध कराने का मसौदा तैयार किया गया था और जनपद गाजियाबाद में भी करीब 25 बिल्डरों ने इस हाऊसिंग स्कीम में काम करना शुरू भी कर दिया गया था। शासन की ओर से अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति के तहत गाइड लाइन जारी की गई थी। जिसके विकासकर्ता को पूरी झूठ दी गई थी। अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति के शासनादेश के अनुसार विकासकर्ताओं को अनुमान्य इन्सेटिंव के रूप में विकासकर्ता को बाहय विकास शुल्क की देयता में छूट दी गई है, लेकिन गाजियाबाद विकास प्राधिकरण जीडीए द्वारा मानचित्रों की स्वीकृति हेतू गठित स्थानीय तकनीकी समिति द्वारा जोन-1 के अर्न्तगत विकासकर्ताओं द्वारा समाजवादी आवास योजनाओं हेतू प्रस्तुत अफोर्डेबल हाऊसिंग मानचित्रों पर बाहय विकास शुल्क जमा कराये जाने का दबाव बनाया जा रहा है।

अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति के संबंध में अनुमोदित डीपीआर के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्वक निर्माण पूर्ण करने हेतू विकासकर्ता द्वारा संबंधित शासकीय अभिकरण के साथ डेवलपमेंट एग्रीमेंट एवं परफार्मेंस गारंटी का निष्पादन हेतू कुल परियोजना क्षेत्रफल की 15 फीसदी भूमि शासकीय अभिकरण के पक्ष में बंधक के रूप में रखी जा सकती है लेकिन जीडीए मनमर्जी करते हुए 25 फीसदी भूमि प्राधिकरण के हित में बंधक के रूप में जमा करा रहा है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने इस ओर चिंता व्यक्त करते हुए परियोजना को समय पर पूर्ण करना संभव नहीं होगा। अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति के अर्न्तगत मानचित्र निर्गत करने के लिए उप विभाजन शुल्क मांग की जा रही है, जो विधि अनुसार सही नहीं है। अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स एसोसिएशन पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गये पत्र में जीडीए के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की गई है।

क्या कहते हैं एसोसिएशन के सचिव

अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स एसोसिएशन के सचिव पीयूष कुमार गर्ग का कहना है कि जीडीए की मनमानी से आज जनपद गाजियाबाद में अफोर्डेबल हाऊसिंग नीति दम तोड़ रही है। अनावश्यक रूप से जीडीए विकासकर्ताओं पर दबाव बना रहा है। जिस कारण जनपद गाजियाबाद में करीब 5 हजार अफोर्डेबल हाऊसिंग के तहत बनने वाले फ्लैट अधर में लटके हुए हैं। जीडीए बिना शासनादेश के अफोर्डेबल हाऊसिंग डेवलपर्स पर कार्रवाई कर रहा है। जिससे विकासकर्ताओं के सामने स्थिति बेहद विकट हो गई है।


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