
गाजियाबाद।राजधानी दिल्ली से सटे महानगर गाजियाबाद में कई खतरनाक और अति खतरनाक श्रेणी वाले उद्योग है। इसके चलते यहां पर हमेशा से आग लगे रहने का खतरा बना रहता है। अब शहर के लिए मुश्किल आैर भी बढ़ सकती है। क्योंकि नगर निगम शहर में यूपीएसआईडीसी की तरफ से विकसित किए गए इंडस्ट्रियल एरिया में हाई प्रेशर हाईड्रेंट लगा पाने में सक्षम नहीं है। इसके लिए नगर निगम की तरफ से शासन को लेटर लिखकर स्पष्ट किया गया है कि विभाग के पास में इसके लिए एक्सपर्ट नहीं है। इसलिए नाॅर्मल तरीके से ही दमकल विभाग को अपने फायर टेंडरों के लिए पानी भरना पड़ेगा।
लेटर में किया गया है ये जिक्र
नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा शासन के समक्ष लेटर के जरिए स्पष्ट कर दिया गया है कि हाईप्रेशर हाईड्रेंट के लिए एक बड़ी रकम का बजट तैयार होगा। इसके अलावा इन्हें लगाने के लिए विशेषज्ञ भी नहीं है। निगम केवल पेयजल आपूर्ति से जुड़ी लाइनों की देखरेख करने वाली संस्था है।
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इसलिए पड़ती है प्रेशर हाईड्रेंट की जरूरत
दरअसल यूपीएसआईडीसी द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की जलापूर्ति की व्यवस्था नहीं की गई है। क्षेत्र की औद्योगिक इकाई में आग लगने की स्थिति में दमकल विभाग को कई चुनौतियों से जूझना पडता है। विकराल आग लगने की स्थिति में खाली हुई गाड़ी को दोबारा से स्टेशन या आसपास के नदी और नहर के पास में जाना पड़ता है। हाईट्रेंड के होने से ये काम तुंरत किया जा सकता है।
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जलकल अधिशासी अभियंता का कहना
जलकल विभाग के अधिशासी अभियंता आनंद कुमार त्रिपाठी के मुताबिक नगर विकास अनुभाग के अधिकारी एसपी सिंह को इसके लिए पत्र भेजा गया है। पत्र की कॉपी शासन, प्रमुख सचिव नगर विकास,नगर आयुक्त,महाप्रबंधक जलकल को भेजी गई है। नगर निगम के जलकल विभाग से औद्योगिक इलाकों में हाई प्रेशर हाईड्रेंट लाइन बिछाए जाने के लिए कई तरीके की परेशानी है। बिना किसी एक्सपर्ट के इन कामों को पूरा नहीं किया जा सकता।
Published on:
13 Feb 2018 11:57 am
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