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गाजियाबाद नगर निगम का कर वसूली अभियान, 5 लाख करदाताओं को भेजा गया नोटिस

नए सर्वे के तहत 1,82,000 नए करदाताओं को चिन्हित किया गया है। उसके बाद से अब निगम को 270 करोड़ों रुपए का कर मिलेगा।

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गाजियाबाद नगर निगम ने ज्यादा से ज्यादा कर वसूले जाने की विशेष योजना तैयार कर करीब 5 लाख 62 हज़ार करदाताओं को नोटिस भेजा है। लेकिन अब नगर निगम ने ज्योग्राफिकल इनफॉरमेशन सिस्टम यानी (जीआईएस) सर्वे के तहत 1 लाख 82 हज़ार नए करदाताओं को भी चिन्हित किया गया है। जिसके बाद नगर निगम को 100 करोड़ रुपए का अतिरिक्त कर मिलेगा। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2021-22 तक नगर निगम ने कुल 3,80,000 करदाताओं से संपत्ति कर की वसूली की थी। जिसके तहत अभी तक कुल 170 करोड़ रुपए नगर निगम को मिलते थे। लेकिन अब इस योजना के बाद नगर निगम को करीब 100 करोड़ रुपए की अधिक वसूली होगी।

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साल 2019 से चलाया जा रहा सर्वे

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए नगर निगम के नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि शासन स्तर से गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र में यह सर्वे 2019 से चलाया गया था। लेकिन कोरोना के चलते सर्वे समय से पूरा नहीं हो सका। इसलिए इस सर्वे को अब तेजी से किया गया है। सर्वे के तहत कर आंकलन के लिए नई श्रेणी मिश्रित संपत्ति भी शामिल की गई है। जिसमें जीआईएफ सर्वे में 3,80,000 मिश्रित संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। जिनमें आवास के साथ-साथ व्यवसाय गतिविधि भी संचालित हैं। इन सभी संपत्तियों को चिन्हित करते हुए कर श्रेणी में जोड़ा गया है। इन संपत्तियों से आवासीय से अधिक और व्यवसायिक से कम दर से टैक्स वसूला जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए बाकायदा नोटिस जारी कर दिए गए हैं। अब नोटिस मिलने के 30 दिन के अंदर ही लोग अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

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आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय

उन्होंने बताया कि नोटिस मिलने के बाद पैमाइश गलत बताते हुए पार्षद हिमांशु मित्तल समेत कई लोगों ने सर्वे पर सवाल खड़े किए थे। लेकिन जब सर्वे पूरा हुआ और आपत्ति दर्ज कराए जाने का समय दिया गया तो सर्वे के आधार पर तैयार नोटिस में मात्र 10% से भी कम आपत्तियां मिली है। पर अब इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि नोटिस में लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराए जाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। जो लोग तय सीमा के तहत अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। इन सभी का निस्तारण करते हुए कर वसूली के लिए बिल भेज दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से नए सर्वे के तहत 1,82,000 नए करदाताओं को चिन्हित किया गया है। उसके बाद से अब निगम को 270 करोड़ों रुपए का कर मिलेगा।