
गाजियाबाद. Ghazipur Border पर किसानों और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हुई भिड़ंत के मामले में भाजपा की ओर से लिंक रोड थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस ने करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बुधवार को गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने भाजपाइयों को काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद किसानों और भाजपाइयों के बीच जमकर मारपीट हुई। भाजपा नेताओं ने कई कार्यकर्ता घायल होने और दर्जनों गाड़ियों के शीशे टूटने का आरोप किसानों पर लगाया था।
दरअसल, गाजियाबाद में गाजीपुर बॉर्डर पर बुधवार को बीजेपी के कार्यकर्ता संगठन मंत्री अमित बाल्मीकि का स्वागत करने पहुंचे थे। जैसे वहां से अमित बाल्मीकि का काफिला गुजरा तो धरने पर बैठे किसानों ने काले झंडे दिखाए। इसके बाद अचानक किसानों और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हुई। देखते ही देखते मारपीट भी शुरू हो गई और दर्जनों गाड़ियों के शीशे भी तोड़े गए। एक तरफ बीजेपी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि धरने पर बैठे किसानों के बीच कुछ गुंडों ने उनके साथ मारपीट की है और उनकी गाड़ियों के शीशे भी तोड़े गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ किसान नेताओं का कहना है कि यह सब बीजेपी की सुनयोजित साजिश है। बीजेपी किसान आंदोलन को बदनाम करने के प्रयास में लगी हुई है। अमित बाल्मीकि के स्वागत में खड़े भाजपा कार्यकर्ताओं ने ही यह सब किया है।
किसानों पर इस तरह का आरोप लगने के बाद अब भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि बीजेपी के कार्यकर्ता किसान आंदोलन को कामयाब नहीं होने देना चाहते। इसलिए उन्होंने इस तरह की हरकत की है। राकेश टिकैत ने कहा कि चाहे जो हो जाए किसान हर मुकाबले के लिए तैयार हैं और पहले से ही किसान शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं। अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए लगातार आंदोलन कर रहे हैं। जिस तरह से अभी तक किसानों ने शांतिपूर्वक आंदोलन किया है। ठीक उसी तरह आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
Published on:
01 Jul 2021 09:59 am
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