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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क, गाजियाबाद।
मोदीनगर की एसडीएम सौम्या पांडेय अपनी नवजात बेटी के साथ ऑफिस की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रही हैं। मातृत्व प्रेम और फर्ज के बीच उन्हाेंने ऐसा तालमेल स्थापित किया है वह देश ही नहीं दुनियाभर की कामकाजी महिलाओं के नजीर बन गई हैं। महिला आईएएस ऑफिसर के इस जज्बे की चारों ओर तारीफ हो रही है।
कोरोना काल में सौम्या माँ बनी और उन्होंने बिटिया को जन्म दिया। बड़ी बात यह है कि कोविड-19 महामारी के दौर में भी उन्हाेंने अपने कर्तव्य से मुंह नहीं माेड़ा और मां बनने के महज 22 दिन बाद ड्यूटी ज्वाइन कर ली। ड्यूटी के साथ-साथ वह अपनी बिटिया की भी अच्छी तरह से देखभाल कर रही हैं। बेटी काे गाेद में लेकर ऑफिस में काम करते हुए उनका एक फोटो साेशल मीडिया पर वायरल हाे रहा है।
गर्भावस्था के दौरान भी कई अस्पतालों का किया निरीक्षण
कोरोना काल में जब चिकित्सकों ने बच्चों-बूढ़ों और गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी थी उस समय भी सौम्या पांडेय ने कई अस्पतालों का निरीक्षण किया। उस दौरान उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोविड-19 के प्रोटोकॉल का भी पूरा ध्यान रखा था। अभी भी कोरोना वायरस का खतरा कम नहीं हुआ है। वर्तमान समय में जब अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी कतरा रहे हैं ऐसे में आईएएस अधिकारी सौम्या अपनी 22 दिन की बच्ची के साथ ऑफिस में काम कर रही हैं। पूछने पर उन्होंने बताया कि वर्तमान समय जिम्मेदारी से काम करने का समय है। ऐसे में वह अपनी दोनों जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभाना चाहती हैं।
मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली सौम्या पांडेय आईएएस अधिकारी हैं। वर्तमान में वह गाजियाबाद में मोदीनगर एसडीएम के पद पर नियुक्ति हैं। सौम्या पांडे ने कोरोना काल में भी बखूबी ढंग से अपने कर्तव्य को निभाया है। कोरोना काल में ही उन्हाेंने बिटिया को जन्म दिया और मां बनने के महज 22 दिन बाद ही फिर से अपना कार्यभार संभाल लिया। अब वह हर रोज बेटी के साथ ही ऑफिस जाती हैं। ऑफिस में बेटी काे गाेद में लिए हुए उनकी फोटो सोशल मीडिया पर खूबर वायरल हो रही है। सोशल मीडिया पर भी इस आईएएस अधिकारी को खूब सराहना मिल रही है।
कथक में भी निपुण है सौम्या
कथक नृत्य में भी सौम्या निपुण हैं। नृत्य के क्षेत्र में उन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी उन्हें पुरस्कृत कर चुके हैं। सौम्या बताती है कि किसी भी कामयाबी में परिवार का महत्वपूर्ण योगदान होता है और उनके आईएएस ऑफिसर बनने के पीछे उनके परिजनों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है। गाजियाबाद जिला प्रशासन को भी वह अपना परिवार ही मानती हैं।
Updated on:
13 Oct 2020 04:24 pm
Published on:
12 Oct 2020 04:49 pm
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