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इस सरकारी स्कूल के बच्चों को योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ, खुले में यह काम करने को मजबूर

स्कूल में लगे हैं गंदगी के अंबार

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गाजियाबाद. नगर निगम की तरफ से संचालित स्कूलों की हालत खस्ता है। गर्मी के मौसम में छात्रों के पीने के लिए पानी की सुविधा नहीं है। स्कूलों में साफ-सफाई नहीं है और क्लास रुम में बैठे बच्चे पढ़ाई की जगह किताबों से खुद की हवा करते है। प्रदेश सरकार के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा किए गए तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। बताया गया है कि महीनों से बिजली गायब है।

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दिल्ली से सटा होने के बाद भी महानगर गाजियाबाद में स्कूलों की हालत दयनीय है। चंद्रपुरी इलाके में स्थित स्कूल को नगर निगम की तरफ से संचालित किया जा रहा हैै। इस स्कूल में 12वीं क्लास तक की छात्राएं पढ़ने आती हैं। यहां सफाई की बात की जाएं तो कुछ नहीं है। इसके अलावा स्कूल परिसर में हैंडपंप लगा हुआ है, लेकिन हैंडपंप से बच्चों को पानी पीने के लिए नहीं मिलता है। बताया जा रहा है कि यहां पिछले कई महीने से बच्चों को पानी नहीं मिल पाता है। जिसके कारण बच्चे खुद ही घर से अपने पानी की बोतल लेकर आते हैं और बिजली भी यहां काफी समय से नदारद है। भीषण गर्मी में छात्राएं खुद हाथ के पंखे लेकर आते हैं या फिर अपनी पढ़ने वाली किताब कॉपी से ही हवा कर अपनी पढ़ाई पूरी करती हैं। इस परिसर में बने शौचालय में गंदगी के अंबार भी नगर निगम के कर्मचारियों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। उधर प्रधानमंत्री द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान को भी दरकिनार किया जा रहा है। साथ ही सरकारी स्कूलों में शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त भी नहीं है।

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छात्राओं ने स्कूल की हकीकत के बारे में बताया कि स्कूलों में किसी तरह की कोई सुविधा नहीं है। पीने के लिए पानी भी नहीं मिल पाता है और शौचालय मैं तमाम गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिसके कारण उनके बीमार होने का भी खतरा बना रहता है। स्कूल की प्रधानाचार्य हेमलता राजपूत ने सफाई देते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा शहर में 6 स्कूल चलाए जा रहे हैं। सभी की देखरेख नगर निगम द्वारा ही की जाती है। इन स्कूलों में किसी भी चीज की आवश्यकता होती है तो उसका एक प्रपोजल बनाकर भेजा जाता है जो कि महापौर की अध्यक्षता में पास किया जाता है उन्होंने भी यहां के स्कूल का प्रपोजल तैयार कर लिया है जिसे जल्द ही नगर निगम भेजा जा रहा है और उम्मीद है कि जून की छुट्टियों के बाद इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा।

गाजियाबाद की महापौर आशा शर्मा का कहना है कि नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों की देखरेख नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा की जाती है। समय-समय पर इन स्कूलों का निरीक्षण भी किया जाता है। कोई समस्या होती है तो उसका तत्काल प्रभाव से समाधान किया जाता है।

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