
गाजियाबाद। थाना कवि नगर पुलिस ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जो खुद को आईपीएस और आईएएस बताकर लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी किया करता था। इसके अलावा उस शक्स ने इंदौर में 1 मठ को विदेश से एक करोड़ रूपए दान दिलाने का झांसा दिया और मठ के सेवादार से 21 लाख 75 हजार की ठगी को अंजाम दे डाला। लेकिन जब उसकी हकीकत का पता चला और वह मठ पर पहुंचा तो सेवादारों ने उसे घेरकर वहीं बैठा लिया। जिसके बाद उसकी पत्नी ने थाना कवि नगर में अपने पति के अपहरण और रंगदारी मांगे जाने के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जिसके बाद पुलिस ने इंदौर पुलिस से संपर्क कर उसे सेवादारों से मुक्त कराया।
इस पूरे मामले में अचानक ही मोड़ आया और इंदौर के मठ के सेवादार ने उस शख्स के द्वारा किए गए फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस को बताते हुए थाना कवि नगर में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करते हुए अनुज प्रकाश नाम के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा इंदिरापुरम पुलिस को भी इस शख्स की तलाश थी। इंदिरापुरम इलाके में भी अनुज प्रकाश ने नौकरी दिलाने के नाम पर अपने आप को आईपीएस बताते हुए लोगों के साथ ठगी की घटना को अंजाम दिया था। जिसका मुकदमा इंदिरापुरम थाने में दर्ज था। इंदिरापुरम पुलिस ने भी थाना कविनगर पुलिस को पहले मुकदमे का नोटिस दे दिया है। पुलिस वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।
इंदौर स्थित मठ के सेवादार धीरज यादव ने बताया कि वह बाबा बमबम नाथ के नाम से मठ चलाते हैं। आरोपी अनुज प्रकाश कुछ दिन पूर्व एनआरआई बताते हुए मठ में आया था। इसी दौरान अनुज प्रकाश ने उन्हें भरोसा दिया कि वह मठ को एक सप्ताह के अंदर ही एक करोड़ रुपये का दान दिला सकता है। उसने विजय नगर स्थित फ्लैट पर कागजी कार्रवाई के नाम पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नाम से छपे पेपर भी दिए थे। उसने कहा कि इस काम के लिए करीब 15 लाख 75 हजार और इस पर 6 लाख रुपये जीएसटी के रूप में खर्च होंगे। इतनी रकम मिलने के लालच में उन्होंने अनुज को 21 लाख 75 हजार दे दिए गए। पुलिस ने धीरज यादव की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
Published on:
13 Aug 2021 03:13 pm
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