
गाजियाबाद. भले ही उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर बहनों के लिए बसों में यात्रा फ्री कर दी है, लेकिन समुचित बसों की व्यवस्था नहीं होने के कारण आज भाई-बहन जान जोखिम में डालकर बसों में सफर करते नजर आए। रक्षाबंधन के त्यौहार पर दिल्ली के पुराने बस अड्डे और गाजियाबाद के कोशाम्बी बस अड्डे पर भाई-बहनों की भारी भीड़ देखने को मिली। ट्रेनों में भी लोगों को जगह नहीं मिल पा रही हैं, जिसके कारण बसों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। बस में जगह नहीं होने के कारण मजबूरन लोग बसों की छतों पर भी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। वहीं प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है।
दिल्ली के पास गाजियाबाद के कोशाम्बी बस अड्डे पर लोग बसों की छत पर बेधड़क बैठ रहे थे, लेकिन शायद लोगों को इसका जरा भी अंदाजा नहीं है कि जरा सी चूक इनकी जान ले सकती है। बहनों को भाइयों तो भाइयों को बहनों के घर जाने की इतनी जल्दी है कि वह दूसरी बस का भी इंतजार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं रोडवेज के भी सारे इंतजाम नाकाफी नजर आ रहे हैं। काफी लंबे अंतराल के बाद बसें तो पहुंच रही हैं, लेकिन वह इतनी भरी हुई हैं कि उनमें पैर रखने की भी जगह शेष नहीं है। इस तरह भारी परेशानी के बीच लोग सफर करने के लिए मजबूर हैं।
जाहिर है कि रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस के चलते काफी जगहों पर कल छुट्टी हैं। इसलिए भी काफी लोग अपने घरों और बहनों के घर के लिए निकल रहे हैं, जिसके चलते यहां बसों में भीड़ बढ़ गई है। भारी भीड़ के चलते बसों की संख्या भी कम पड़ रही है। लोग बसों के पीछे भागते और बसों की छत पर चढ़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि यह पहले ही साफ था कि त्योहार के चलते कुछ दिन बसों में सफर कर रहे लोगों की संख्या में इजाफा होगा, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम परिवहन विभाग की ओर से नहीं उठाया गया। ऐसे में कोई हादसा हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
Published on:
15 Aug 2019 02:20 pm
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