
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
गाजियाबाद. शहर की पॉश कॉलोनी में प्लॉट दिलाने के नाम पर गाजीपुर के जेल अधीक्षक से 32 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इस पूरे मामले की शिकायत पीड़ित जेल अधीक्षक ने गाजियाबाद के एसएसपी से की है। एसएसपी के निर्देश के बाद थाना नंदग्राम में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
गाजीपुर के जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार ने बताया कि वह शाहदरा की न्यू मॉडल कॉलोनी में रहते हैं। उन्हें बागपत की एक आवास विकास रियलिटी सॉल्यूशंस कंपनी के लोगों ने 2018 में गाजियाबाद के पॉश इलाके राजनगर एक्सटेंशन में अच्छी लोकेशन में एक प्लॉट देने के लिए कॉल की थी। उन्हें प्लॉट की लोकेशन पसंद आई तो उन्होंने प्लॉट बुक कर दिया और 32 लाख रुपए की पेमेंट भी कर दी। इसके बाद उन लोगों ने प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं कराई और आनाकानी करने लगे। काफी प्रयास के बाद राजेंद्र ने अपने पैसे वापसी मांगे तो उन्होंने पैसे भी वापस नहीं दिए। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
राजेंद्र ने इन लोगों के बारे में गहनता से जानकारी ली तो पता चला कि इनके खिलाफ गाजियाबाद और मेरठ के विभिन्न थानों में 13 मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। अब उन्होंने परेशान होकर इस पूरे मामले की शिकायत गाजियाबाद के एसएसपी से की है, जिसके बाद एसएसपी ने इन लोगों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना नंदग्राम को निर्देश दिए हैं। नंदग्राम पुलिस ने कंपनी के निदेशक नीरज गोस्वामी और उसके पार्टनर मुकेश त्यागी, वीर सिंह त्यागी जमीन के मालिक मंगत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्राधिकारी अवनीश कुमार ने बताया कि इस तरह का मामला सामने आया है। राजेंद्र कुमार के द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर आवास विकास रियलिटी सॉल्यूशंस कंपनी के निदेशक नीरज गोस्वामी और उसके पार्टनर मुकेश त्यागी व वीर सिंह त्यागी के अलावा जमीन के मालिक मंगत सिंह निवासी सिहानी गेट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
24 Jun 2021 12:02 pm

