
गाजियाबाद। क्या आपको पता है कि आपके बच्चे के बैग का वजन कितना होना चाहिए। इसको जानने के लिए गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने एक मुहिम छेड़ी हुई है। इसके तहत उनकी टीम स्कूलों में जाकर बच्चों के बैग का वजन चेककर अभिभावकों के इसके प्रति जागरूक कर रही है। सोमवार को अभियान की शुरुआत शास्त्रीनगर स्थित सेंट मेरी स्कूल से की गई।
सेंट मेरी स्कूल से शुरू हुआ अभियान
2 सितंबर यानी सोमवार से गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिशन ने बच्चों के बैग का वजन चेक करने का अभियान चलाया। 'स्कूल-बैग का रियल्टी चेक' के नाम से शुरू किए गए इस अभियान की शुरुआत सेंट मेरी स्कूल शास्त्री नगर से की गई। वहां गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन की टीम ने विभिन्न कक्षाओं के करीब 80 बच्चों के बैगों का वजन जांचा। इसमें सभी बच्चों के बैगों का वजन तय मानकों से अधिक पाया गया।
यह निकला बच्चों के बैग का वजन
जांच में क्लास एलकेजी/यूकेजी के बच्चे के बैग का वजन 3-4 किलो मिला जबकि क्लास फर्स्ट और सेकंड के बच्चों का बैग 4.5 से 6 किलो वजनी था। इसी प्रकार क्लास 3rd/4th/5th के बच्चों के बैग का वजन 6 से 7 किलो, छठी से आठवीं के बच्चों का बैग 7 से 9 किलो का था। मानकों के अनुसार 10वीं क्लास के बच्चे के बैग का वजन 5 किलो हाेना चाहिए लेकिन छोटे बच्चों को भी 5 किलो से ऊपर का बैग उठाना पड़ रहा है।
यह है उद्देश्य
पैरेंट्स एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी विवेक त्यागी का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक करना है। सभी अभिभावकों का कहना था कि बैग का वजन कम होना चाहिए। भारी बैग से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर असर पड़ रहा है। बच्चों से बात करने पर पता चला कि इतना भारी बैग लेकर उन्हें कई मंजिल चढ़ना पड़ता है। उन्होंने इस मामले में उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन से संक्षान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि जिले के बाकी स्कूलों में भी यह अभियान चलाया जाएगा। इस मामले में डीआईओएस रवि दत्त का कहना है कि मानकों का पालन कराया जाएगा। इसका उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इतना होना चाहिए वजन
क्लास 1 से 3 तक- 1.5 किलो
क्लास 3 से 5 तक- 2 से 3 किलो
कक्षा 6 से 7 तक- 4 किलो
क्लास 8 से 9 तक- 4.5 किलो
कक्षा 10- 5 किलो
Updated on:
04 Sept 2019 02:32 pm
Published on:
04 Sept 2019 02:28 pm
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