
माता-पिता और मासूम बच्चे का शव एक ही चिता पर सजाया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। गांव में ऐसा हृदयविदारक दृश्य पहले कभी नहीं देखा गया था।
गाजीपुर जिले के दिलदारनगर क्षेत्र के कर्मा गांव निवासी रविशंकर कुशवाहा दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। वे होली और एक रिश्तेदार की शादी के लिए अपने गांव आए थे। गुरुवार की सुबह वे अपनी पत्नी सरोज कुशवाहा और आठ माह के बेटे अंकुश को लेकर बाइक से ससुराल गए थे। वापस लौटते समय मौसम अचानक खराब हो गया और आकाशीय बिजली गिरने लगी।
नगसर-दिलदारनगर मुख्य मार्ग पर जैसे ही वे पहुंचे अचानक बिजली गिर गई, जिससे तीनों अचेत होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार को जब एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो पूरे गांव में मातम छा गया। महिलाएं चीख-चीखकर रोने लगीं तो पुरुषों की आंखें भी नम हो गईं। जमानिया श्मशान घाट पर जब पति-पत्नी और मासूम बेटे का शव एक ही चिता पर रखा गया, तो मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े।
रविशंकर के बड़े भाई ने जब मुखाग्नि दी, तो वहां मौजूद लोग खुद को संभाल नहीं पाए। माता-पिता के बीच मासूम का शव रखा गया था जिसे देखकर हर किसी का दिल दहल गया। ऐसा मंजर जिसने भी देखा, वह रो पड़ा।
इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। जो जहां था, वहीं रुककर अर्थी को निहारता रहा। गांव में हर कोई स्तब्ध था कि कैसे कुछ ही पलों में एक हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा दर्दनाक हादसा पहले कभी नहीं देखा था।
गांव के लोग परिवार के लिए सहायता की मांग कर रहे हैं। प्रशासन भी इस दुखद घटना पर संवेदना जता रहा है और पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की बात कर रहा है।
Updated on:
21 Mar 2025 10:22 pm
Published on:
21 Mar 2025 10:19 pm
