
गाजियाबाद. यूपी गेट पर पिछले 58 दिन से किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। जहां एक तरफ किसान अपनी मांग पर अडिग हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार ने भी साफ तौर पर कहा है कि कृषि कानून वापस नहीं होेगे, केवल इनमें संशोधन किया जा सकता है। इसके लिए सामंजस्य बैठाने के उद्देश्य से सरकार और किसानों के बीच करीब 11 बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन सभी वार्ता विफल रही हैं। वहीं किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक कानून वापस नहीं होंगे तब तक वह घर वापसी नहीं करेंगे। इसी बीच किसानों ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। बड़ी संख्या में दूूर-दराज से किसान अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्राॅली लेकर यूपी गेट पर पहुंच रहे हैं।
गाजियाबाद के यूपी गेट पर शनिवार को सुबह से ही बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली नजर आईं और बड़ी संख्या में किसान भी दिखाई दिए। बता दें कि हजारों की संख्या में शुक्रवार रात को ही यूपी गेट पर ट्रैक्टर लेकर किसाान पहुंच चुके हैं। यानी ट्रैक्टर रैली निकालने की बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली निकालने की चेतावनी सरकार को बहुत पहले दी जा चुकी है। इसके लिए किसानों ने एक रिहर्सल भी कर ली है और जिस तरह से अभी तक सरकार और किसानों के बीच हुई वार्ता सफल नहीं हुई है। उसे देखकर लगता है कि सरकार किसानों को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि किसान देश की रीढ़ की हड्डी के समान है और देश का अन्नदाता है। इसलिए अब किसान मजबूर होकर अपनी योजना के तहत गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली का आयोजन करेंगे।
वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षा की दृष्टि से दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यदि किसानों ने परेड में जाने की तैयारी की तो निश्चित तौर पर पुलिस और किसानों के बीच टकराव संभव है। क्योंकि किसानों ने साफ तौर पर कहा है कि वह किसी भी हाल में परेड के दौरान ट्रैक्टर रैली का आयोजन करेंगे। वही बड़ी संख्या में पहुंच रहे किसानों को देखते हुए गणतंत्र दिवस की परेड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।
Published on:
23 Jan 2021 11:22 am
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