
विधायक बेदी राम और डाक्टर योगेंद्र यादव के बीच होती नोकझोंक, PC- x @MamtaTripathi80
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक बेदी राम और सीएचसी के प्रभारी डॉक्टर योगेंद्र यादव के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है। यह घटना तब हुई, जब विधायक बेदी राम ने जखनिया सीएचसी का औचक निरीक्षण किया और वहां की अव्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाया।
जखनिया सीएचसी में सुबह करीब 11 बजे पहुंचे विधायक बेदी राम ने अस्पताल की स्थिति देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों की अनुपस्थिति, उपस्थिति रजिस्टर में कमियां, गंदगी, और मरीजों को बाहर से दवाइयां मंगवाने की शिकायतों पर सवाल उठाए। वायरल वीडियो में विधायक डॉक्टर योगेंद्र यादव को फटकारते हुए कहते हैं, 'जब सरकार वेतन और संसाधन दे रही है, तो मरीजों को मुफ्त इलाज क्यों नहीं मिल रहा? अस्पताल को कबाड़खाना बना रखा है।' उन्होंने मरीजों से पूछताछ की, जिन्होंने बताया कि भोजन, नाश्ता और अधिकांश दवाइयां बाहर से मंगवानी पड़ रही हैं। विधायक ने मरीजों को आश्वासन दिया कि अस्पताल में सभी दवाइयां मुफ्त उपलब्ध हैं और उन्होंने अपना नंबर भी मरीजों को दिया, ताकि वे शिकायतें सीधे उन तक पहुंचा सकें।
बातचीत के दौरान विधायक का गुस्सा बढ़ता गया। उन्होंने डॉक्टर पर निशाना साधते हुए कहा, 'तुम मुंह में गुटखा भरकर मुझसे बात करोगे? तमीज नहीं है तुमको, तमाशा बनाए हुए हो। तुम समाजवादी पार्टी की मंशा के अनुरूप काम कर रहे हो।' विधायक ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि मरीजों के बयान दर्ज कर अस्पताल की अव्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाए। इस दौरान विधायक ने गुस्से में टेबल पर रखा ग्लास और बीपी मशीन तोड़ दी, जिससे अस्पताल में हंगामा मच गया।
विधायक के व्यवहार से नाराज डॉ. योगेंद्र यादव ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अपनी कुर्सी छोड़कर कहा, 'अगर बात करनी है तो ठीक से करिए। मैं सरकार की मंशा और सम्मान के साथ काम करता हूं। नाजायज दबाव बर्दाश्त नहीं करूंगा। आपके जैसे बहुत विधायक आए और गए, मुझे नौकरी करनी होगी तो करूंगा, वरना इस्तीफा दे दूंगा।' डॉक्टर ने यह भी बताया कि स्वीपर की डेढ़ साल पहले मृत्यु के बाद कोई नया स्वीपर नियुक्त नहीं हुआ, जिसके कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित है। इसके बाद डॉक्टर गुस्से में अपने चैंबर से बाहर चले गए।
लगभग तीन मिनट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक और डॉक्टर के बीच की तीखी बहस साफ देखी जा सकती है। कुछ लोग विधायक के रवैये की आलोचना कर रहे हैं, उनका कहना है कि डॉक्टर के साथ ऐसी भाषा का इस्तेमाल अनुचित है। वहीं, कुछ लोग विधायक के पक्ष में हैं, जो मानते हैं कि अस्पताल की खराब व्यवस्था पर सवाल उठाना उनका अधिकार है। एक एक्स पोस्ट में यूजर ने लिखा, 'विधायक बेदी राम को बात करने की तमीज नहीं है। सेल्फ-रेस्पेक्टिंग डॉक्टर ने सही जवाब दिया। विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।'
बेदी राम, जो गाजीपुर की जखनिया विधानसभा से सुभासपा के विधायक हैं, पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2014 में रेलवे भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, और हाल ही में 2024 में एक अन्य वायरल वीडियो में उन पर पेपर लीक से जुड़े आरोप लगे थे, जिन्हें उन्होंने डीप फेक बताकर खारिज किया था। इस घटना के बाद विधायक ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से डॉक्टर के व्यवहार की शिकायत करने की बात कही है।
निरीक्षण के दौरान विधायक ने पाया कि अस्पताल का भोजनालय कई दिनों से बंद है, और सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। डॉ. यादव ने बताया कि अस्पताल में 19 स्थायी और 29 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन एएनएम की तीन शिफ्टों की ड्यूटी के कारण उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर नहीं हो पाए। विधायक ने सभी कर्मचारियों को रजिस्टर में हस्ताक्षर करने का निर्देश दिया और व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी।
Updated on:
23 Aug 2025 05:49 pm
Published on:
23 Aug 2025 05:17 pm
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