
सांकेतिक फोटो- पत्रिका
Gonda News: गोंडा में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। पॉक्सो एक्ट की विशेष अदालत ने आरोपी संदीप तिवारी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया है।
मामला उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र का है। 10 दिसंबर 2020 को पीड़िता की नानी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, उनकी 16 वर्षीय नातिन 9 दिसंबर की सुबह पढ़ने के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को दुष्कर्म के पुख्ता साक्ष्य मिले, जिसके बाद मुकदमे में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गईं। जांच में खरगूपुर क्षेत्र निवासी संदीप (पुत्र वीरेंद्र तिवारी) को दोषी पाया गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
तत्कालीन विवेचक ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर 5 मार्च 2021 को आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था। मामला विशेष पॉक्सो अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) निर्भय प्रकाश की अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया और 10 वर्ष के कारावास के साथ 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक अशोक सिंह के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पुलिस की निष्पक्ष विवेचना के आधार पर आरोपी का अपराध सिद्ध हुआ। प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत गंभीर अपराधों के आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है।
Updated on:
24 Jul 2026 10:47 pm
Published on:
24 Jul 2026 10:47 pm
