
प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए किया निरीक्षण फोटो सोर्स सूचना विभाग
Ghaghra Flood Alert:गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है। वहीं, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तेज बहाव के कारण नदी किनारों पर कटान भी बढ़ गई है। नदी के किनारे खेत, पेड़ और कच्चे मकान नदी में समा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल है।
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार शाम केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 8 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण घाघरा और सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, नदी में बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। गिरजा बैराज से 1,23,073 क्यूसेक, शारदा बैराज से 1,38,707 क्यूसेक और सरयू बैराज से 4,553 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस तरह कुल 2,65,295 क्यूसेक पानी घाघरा नदी में पहुंचा है। पानी बढ़ने से नदी का बहाव तेज हो गया है। इसका असर तटीय इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है।
नदी किनारे कई स्थानों पर कटान की रफ्तार बढ़ गई है। इससे कृषि भूमि को नुकसान पहुंच रहा है। कई जगहों पर जमीन नदी में समाती जा रही है। तेज कटान के कारण बड़े-बड़े पेड़ भी अपनी जड़ें खोकर नदी में गिर रहे हैं। नदी के बढ़ते दबाव से लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के दत्तनगर वाणी माझा गांव में नदी की कटान का तेज हो गया है। घाघरा की तेज धारा जमीन को काटते हुए एक बड़े पेड़ को भी अपने साथ बहा ले जाती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार नवाबगंज क्षेत्र में अब तक कई बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। इसके अलावा एक अस्थायी मकान और एक फूस का मकान भी कटान की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कई स्थानों पर कटान जारी है। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं। विभिन्न तहसीलों के अधिकारी लगातार तटबंधों और संवेदनशील गांवों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ आने की स्थिति में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
Updated on:
23 Jul 2026 10:01 pm
Published on:
23 Jul 2026 10:01 pm
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