
बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह
lok sabha election 2024: कैसरगंज लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह के टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। राजनीतिक इलाके में टिकट कटने की चर्चा चरम पर है। जिससे बृज भूषण सिंह का राजनीतिक सफर खतरे में दिख रहा है। इस लोकसभा सीट को लेकर कई नाम चर्चा में आ गए हैं। इनमें अवध ओझा का नाम काफी चर्चा में है। हालांकि अवध ओझा अपने एक बयान में बृजभूषण सिंह को गोंडा का राजा बता चुके हैं। इनके अलावा बृजभूषण सिंह के बेटे पत्नी तथा दो अन्य विधायकों के नाम को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
बीजेपी की पहली लिस्ट में अवध क्षेत्र की अधिकतर सीटों पर प्रत्याशियों के नामो का ऐलान होने के बाद कैसरगंज सीट पर प्रत्याशी के नाम की घोषणा न होने पर इस लोकसभा सीट पर राजनीतिक गरमा गई। लोग इसे अब रेसलर प्रोटेस्ट और बृजभूषण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपो से जोड़कर टिकट कटने की चर्चा कर रहे हैं। इसके साथ ही पिछले सप्ताह अवध ओझा की डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा से मुलाकात के बाद ओझा सर के यहां से चुनाव लड़ने की चर्चा तेज पड़ रही है। दरअसल अवध ओझा मूल रूप से गोंडा जिले के रहने वाले हैं। सबसे खास बात यह है कि इंडिया गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस सीट पर अपने प्रत्याशी की घोषणा नहीं किया है। बल्कि मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि बृजभूषण सिंह टिकट मांगते हैं। तो उन्हें टिकट दिया जाएगा। हालांकि टिकट के लिए संपर्क में होने के सवाल की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। कैसरगंज लोकसभा सीट से बृजभूषण सिंह एक बार सपा के टिकट पर तो दो बार बीजेपी के टिकट से सांसद बन चुके हैं। वर्ष 2014 के चुनाव में बृजभूषण सिंह ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार विनोद कुमार सिंह उर्फ पंडित सिंह को पराजित किया था। वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार चंद देवराम को 2.61 लाख के मतों से पराजित किया था।
कैसरगंज लोकसभा सीट पर एक नजर
वर्ष 1952 के चुनाव में हिंदू महासभा से शकुंतला नायर, वर्ष 1957 के चुनाव में कांग्रेस से भगवान दीन मिश्र 1962 के चुनाव में स्वतंत्र पार्टी से बसंत कुमार 1967 के चुनाव में भारतीय जनसंघ से शकुंतला नायर 1971 के चुनाव में भारतीय जन संघ से शकुंतला नायर दोबारा चुनी गई। 1977 में जनता पार्टी से रुद्रसेन चौधरी 1980 में कांग्रेस से राणा वीर सिंह 1984 में कांग्रेस के टिकट पर राणा वीर सिंह ने दोबारा विजय हासिल की 1989 में बीजेपी से रुद्रसेन चौधरी 1991 में बीजेपी से लक्ष्मी नारायण मणि त्रिपाठी 1996, 1998 1999 2004 में सपा के टिकट से बेनी प्रसाद वर्मा ने लगातार चार बार जीत हासिल किया। वर्ष 2009 में समाजवादी पार्टी से बृजभूषण सिंह वर्ष 2014 में बृजभूषण सिंह भाजपा से तथा वर्ष 2019 में बृजभूषण सिंह बीजेपी से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज किया।
Published on:
13 Mar 2024 06:18 pm
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