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किसानों को लाभ पहुंचाना शासन की प्राथमिकता है : मंडलायुक्त देवीपाटन मंडल

मण्डलायुक्त देवीपाटन मण्डल ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को नहरों के गैप को पूरा कराने हेतु शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं
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गोंडा

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Hariom Dwivedi

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Updated: 14 Nov 2017, 7:36 AM IST

devipatan mandal ayukta instructed to officers

गोण्डा. मण्डलायुक्त देवीपाटन मण्डल ने मण्डल के सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर नहरों के गैप को पूरा कराने हेतु शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी अपने-अपने जनपद में इसकी गहनता से समीक्षा कर लें और नहरों के गैप को पूरा करने हेतु भूमि क्रय के जो मामले लम्बित हैं, नियमानुसार उनका निस्तारण शीघ्रातिशीघ्र करा लें, ताकि नहरों से सिंचाई की सुविधा का लाभ कृषकों समय से उपलब्ध हो सके।

मण्डलायुक्त ने कहा है कि नहरों में टेल तक पानी पहुंचाकर कृषकों को लाभान्वित करना शासन की प्राथमिकता है। तद्अनुक्रम में समीक्षा करने पर अधीक्षण अभियंता, पंचदशम मण्डल सिंचाई कार्य, गोण्डा द्वारा अवगत कराया गया है कि सरयू नहर परियोजना की पूर्व निर्मित नहर प्रणाली (रजबहों माइनर) में जगह-जगह तत्समय में खुदाई न होने के कारण अत्यधिक गैप है, जिनकी भूमि आपस समझौते के आधार पर लेकर नहरों के गैप खुदवाये जाने पर नहरों की अपेक्षित लम्बाई बढ़ेगी तथा सिंचित क्षेत्रफल में भी वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि भूमि क्रय किये जाने हेतु जनपद गोण्डा में चार गुना तक दर अनुमोदित है। बलरामपुर, बहराइच में चार गुना अनुमोदित किये जाने की कार्यवाही प्रगति में है। सरयू नहर परियोजना के अन्तर्गत एक हजार करोड़ रूपए की धनराशि मुख्य रूप से नहरों के गैप के लिये भूमि क्रय एवं गैप खुदवाने के लिये प्राथमिकता में है। शासन द्वारा दो सौ करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर खण्डों को आवंटित की गयी है, जिससे भूमि क्रय किये जाने हेतु खण्डों द्वारा आपसी समझौते की प्रक्रिया की जा रही है, शेष धनराशि शासन द्वारा स्वीकृत हो गयी है जो शीघ्र ही अवमुक्त की जायेगी।

मण्डलायुक्त ने कहा कि जनपद गोण्डा में कार्यरत सिंचाई विभाग के चार खण्डों द्वारा कुल 422 गैपों के लिये 289.098 हेक्टेयर भूमि ली जानी है। वर्तमान में नगरीय निकाय चुनाव प्रक्रिया में सिंचाई विभाग के अभियंताओं की ड्यूटी लगी होने के कारण भूमि क्रय प्रक्रिया धीमी है, परन्तु चुनाव प्रक्रिया समाप्ति के उपरान्त कार्य में तेजी लाकर फरवरी, 2018 तक पूर्ण कर लिया जायेगा चॅूकि नहरों की टेल तक पानी पहुंचाना शासन की प्राथमिकता में है, इसलिये इसमें तत्परता से कार्यवाही कराई जाये।