
डीएम प्रियंका निरंजन व अन्य अधिकारी गण फोटो सोर्स सूचना विभाग
गोण्डा डीएम प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरणीय समिति एवं जिला गंगा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर गंभीरता से चर्चा की।
डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में स्थित वेटलैंड (आर्द्रभूमि) को अतिक्रमण और जलकुंभी से मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि जो वेटलैंड मृत अवस्था में हैं। उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए विभाग ठोस कार्ययोजना तैयार करें। डीएम ने नगरपालिका गोण्डा को निर्देशित किया कि शहर से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण नियमित रूप से कराया जाए। ताकि प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो।
खनन विभाग को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि जिले के सभी ईंट भट्ठों का निरीक्षण नियमानुसार किया जाए। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले में कोई भी ईंट भट्ठा या मिट्टी खनन अवैध रूप से संचालित नहीं होना चाहिए।
डीएम ने बैठक में टेढ़ी नदी के पुनर्जीवन पर विशेष बल देते हुए संबंधित अधिकारियों से ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि नदी पुनर्जीवित होने से स्थानीय पारिस्थितिकी और भूजल स्तर दोनों में सुधार होगा। इसके साथ ही पौधारोपण और जीयो-टैगिंग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप 100 प्रतिशत जीयो-टैगिंग सुनिश्चित करें। इसके साथ ही लगाए गए पौधों की जीवितता पर विशेष ध्यान दें।
डीएम ने छोटे-बड़े बाजारों में गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए और शहर में पॉलिथीन सप्लाई करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Updated on:
29 Oct 2025, 5:02 PM IST
Published on:
29 Oct 2025, 5:02 PM IST
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