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Gonda News: यूपी के इन चार जिलों के गौशालाओं की 18 बिंदुओं पर होगी जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

Gonda News: योगी सरकार के आदेश के बावजूद भी किसानों को छुट्टा जानवरों से निजात नहीं मिल रही है। जानवरों से परेशान किसान शासन प्रशासन से शिकायत करते-करते थक हार चुके हैं। गोवंशों को संरक्षण करने के आदेश कागजों पर खाना पूर्ति हो रही है। आयुक्त ने मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए चार जिलों के डीएम को 18 बिंदुओं पर गोपनीय जांच कर रिपोर्ट मांगी है।

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Gonda News

आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील

Gonda News: आयुक्त को गौशालाओं की लगातार शिकायतें मिल रही है। हर किसान दिवस में छुट्टा जानवरों का मुद्दा किसान नेता प्रमुखता से उठा रहे हैं। लेकिन मामला सिर्फ आश्वासन तक सिमट कर रह जाता है। पिछले दिनों डीएम नेहा शर्मा की समीक्षा में भी पशुपालन विभाग ने महज 63 गोवंशों को संरक्षित करने की रिपोर्ट सौंप थी। जिस पर डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। आयुक्त के भी संज्ञान में आया की कई गौशाला कर्मियों द्वारा रात में जानवरों को छोड़ दिया जाता है। ताकि उन्हें भूसा पानी न देना पड़े।

Gonda News: देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील को बीते दिनों शिकायत मिली कि गौशाला कर्मियों द्वारा रात में गोवंशों को गोशाला से बाहर छोड़ दिया जाता है। इस शिकायत पर आयुक्त ने मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच एवं श्रावस्ती के डीएम को नोडल अधिकारियों के माध्यम से गोपनीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल आयुक्त के संज्ञान में आया है कि कई गौशाला कर्मियों द्वारा रात के समय में गोवंशो को विचरण हेतु गौशाला के बाहर छोड़ दिया जाता है। ताकि उन्हें चारा भूसा ना देना पड़े साथ ही साथ कुछ ग्राम वासियों द्वारा भी अपने गोवंशों को सुबह शाम दूध निकाल कर विचरण के लिए छोड़ दिया जाता है। जिससे गोवंश खेतों में विचरण करते हुए पाए जाते हैं। इस प्रकरण की गोपनीय जांच कराया जाना आवश्यक है। इसी को लेकर आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिए हैं।

18 बिंदुओं पर आख्या उपलब्ध कराएंगे नोडल अधिकारी

आयुक्त द्वारा नोडल अधिकारी के माध्यम से बिंदुवार जांच आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त द्वारा प्रत्येक नोडल अधिकारी को 18 बिन्दुओं पर गोशालावार जांच आख्या तीन दिन के अन्दर अपर निदेशक पशुपालन के माध्यम से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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जांच के कुछ बिंदु इस प्रकार

गोवंशों हेतु स्वच्छ पेयजल उपलब्धता की स्थिति। वर्षा से बचाव हेतु की गई व्यवस्था की स्थिति। मृतक हुए गोवंशों के उचित निस्तारण की स्थिति। सुरक्षा व्यवस्था हेतु रात्रि में चौकीदार की व्यवस्था की स्थिति। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आदि की स्थिति। गोशाला परिसर की साफ सफाई की स्थिति। चूनी चोकर भूसा आदि के क्रय किए जाने की स्थिति।