
गुरुकुल विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करते बच्चे
Gonda News: गोंडा जिले के इटियाथोक ब्लॉक मुख्यालय से करीब नौ किलोमीटर दूर अहिरोलिया ग्राम पंचायत में संचालित पंडित महामना मदन मोहन मालवीय वेद पाठशाला के बच्चे वेद मन्त्रों उपनिषद, दर्शन, गणित, संगीत, योग आदि के साथ नैतिक शिक्षा भी शिक्षा दी जाती है। यज्ञ-हवन कार्य भी सिखाया जाता है। जिस आत्मविश्वास से बच्चे वेद मंत्रोच्चारण करते हैं। उसे देख व सुनकर हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है।
Gonda News: गोंडा जिले के इटियाथोक विकासखंड के गांव अहिरोलिया में संचालित इस आवासीय विद्यालय में बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसमें अभी करीब 25 बच्चे प्राचीन पद्धति से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दिसंबर 2022 में गुरुकुल की स्थापना की गई थी। संस्थापक दुर्गा प्रसाद तिवारी (राजू)बताते हैं कि पढ़ाने के लिए आचार्य शिवप्रसाद तिवारी हैं। गुरुकुल के आचार्य व संरक्षक शिवप्रसाद तिवारी बताते हैं कि एकांत वातावरण में सुबह शाम बच्चों के वेद उच्चारण से वातावरण गुंजायमान रहता है। गुरुकुल में नामांकन के लिए निम्नतम आयु आठ वर्ष रखी गई है। खुद से नित्य क्रिया कर लेने वाले बच्चों का नामांकन होता है। नामांकन से पूर्व संस्था के पदाधिकारी बच्चों के साथ-साथ माता-पिता का भी साक्षात्कार लेते हैं। बच्चों को वेद, उपनिषद, दर्शन, गणित, संगीत, योग आदि के साथ नैतिक शिक्षा भी शिक्षा दी जाती है। यज्ञ-हवन कार्य भी सिखाया जाता है।
बच्चों की दिनचर्या सुबह सात बजे यज्ञ से शुरू होती है। इससे पूर्व पांच बजे जागरण कराया जाता है।यज्ञ में शिक्षक व बच्चों का भाग लेना अनिवार्य होता है। आठ बजे से कक्षाएं आरंभ होती है। जो दोपहर 12 बजे तक चलती है।
आचार्य शिव प्रसाद तिवारी ने बताया कि देश में आदिकाल से गुरुकुल शिक्षा की परंपरा रही है। अंग्रेजी शासन में इसे ध्वस्त कर दिया। शिक्षा को बाजार बना दिया गया है।इसी का परिणाम है कि ऊंची डिग्रीधारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। गुरुकुल में छात्रों को सामाजिक उन्नति के लिए तैयार किया जाता है।
Updated on:
4 Nov 2024, 6:36 PM IST
Published on:
4 Nov 2024, 6:36 PM IST
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